देहरादून/बदरीनाथ। देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को निलंबित करने के बाद अब उसके खिलाफ पुलिस में मुकदमा भी दर्ज करा दिया है। मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है और शासन ने भी पूरे घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल के निर्देश दिए हैं।
मंदिर समिति की ओर से बदरीनाथ थाने में दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रिकॉर्ड, चढ़ावे की गणना से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही हैं, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर बीकेटीसी ने पहले आरोपी कर्मचारी को निलंबित किया और फिर विभागीय जांच शुरू की। समिति ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब की है। साथ ही चढ़ावा गणना की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए निगरानी तंत्र मजबूत करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
मामले की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ कर्मचारी निर्धारित ड्यूटी के बिना गणना कक्ष में मौजूद थे, जबकि कुछ अपनी जिम्मेदारी के समय अनुपस्थित पाए गए। इस पर समिति ने छह कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और मंदिर समिति दोनों अपने-अपने स्तर पर जांच को आगे बढ़ा रही हैं।
