थराली में आपदा का कहर, एक की मौत, एक लापत, कई घरों व दुकानों को नुकसान, लोगों ने जागकर काटी रात

थराली में आपदा का कहर, एक की मौत, एक लापत, कई घरों व दुकानों को नुकसान, लोगों ने जागकर काटी रात

थराली (चमोली)/देहरादून। चमोली जिले की थराली तहसील में शुक्रवार देर रात अतिवृष्टि और बादल फटने की घटनाओं के बाद बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। एक 20 वर्षीय युवती की मलवे में दबने से मौत हो गई। वहीं, चेपड़ों में एक व्यक्ति लापता बताया जा रहा है। शनिवार को पूरे दिन इलाके में रेस्क्यू अभियान जारी रहा। जिलाधिकारी चमोली ने क्षेत्र में पहुंचकर आपदा प्रभावितों का हाल-चाल जाना। छह गंभीर घायलों को एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है।

शुक्रवार करीब आधी रात को थराली तहसील क्षेत्र के टूनरी गदेरे में बादल फटने से राड़ीबगड़, चेपड़ों, थराली बाजार और आसपास के क्षेत्र में भारी मलबा आ गया। मलबे की चपेट में आने से एसडीएम आवास सहित कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। दुकानों में मलबा भर गया। कई वाहन भी मलबे में दब गए। चेपड़ों में पूरा बाजार मलबे से ढ़क गया और ज्यादातर दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। थराली बाजार में अस्पताल मार्ग और भैरव मार्केट में भी भूस्खलन से दुकानों व घरों को नुकसान पहुंचा। जगह-जगह मलबा आने और भूस्खलन से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। लोगों ने आपदा के ड़र से जागकर रात बिताई।

सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य के लिए डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ और एनडीआरफ की टीम भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर बचाव अभियान में जुट गई। कर्णप्रयाग-ग्वालदम सड़क भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई, जिसे खोल दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवती के निधन और एक व्यक्ति के लापता होने पर दुख जताया। साथ ही, घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आपदा प्रभावितों को सरकार हरसंभव मदद पहुंचाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें शनिवार सुबह ही मौके पर पहुंच गई और बचाव व राहत कार्य में जुटी रहीं। मुख्यमंत्री आपदा परिचालन केंद्र और जिलाधिकारी चमोली से भी रेस्क्यू अभियान की अपडेट लेते रहे।

भारी बारिश की आशंका के चलते आज भी बंद रहेंगे स्कूल

भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने थराली, देवाल व नारायणबगड़ विकासखंड के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

जिलाधिकारी ने आपदा क्षेत्र का किया स्थलीय निरीक्षण

जिलाधिकारी संदीप तिवारी शनिवार सुबह थराली पहुंचे और आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस बल की टीमें राहत बचाव का कार्य कर रही हैं। शनिवार को मौके पर जिला प्रशासन, तहसील प्रशासन, पुलिस विभाग, डीडीआरएफ के सात जवान, एनडीआरएफ के 27 जवान, एसडीआरएफ के 12 जवान, एसएसबी ग्वालदम के 12 जवान, बीआरओ, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य विभागीय अधिकारियों की तैनाती कर दी गयी है।

अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग, अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश

जिलाधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से थराली अस्पताल में चार चिकित्साधिकारी, छह स्टाफ नर्स, एक फार्मासिस्ट, एक एम्बुलेंस ड्राईवर व जीवन रक्षक औषधि सहित अलर्ट मोड पर हैं। एसडीएच कर्णप्रयाग में दो 108 एम्बुलेंस  एवं दो विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी की टीम तैनात की गई है।

दो रिलीफ सेंटर बनाए, आवाजाही के लिए वाहनों की व्यवस्था

जिलाधिकारी संदीप दीक्षित ने बताया राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज और शहीद भवानीदत्त इंटर कॉलेज चेपड़ो में रिलीफ सेंटर बनाया गया है। लोगों को रिलीफ सेंटर तक लाने व ले जाने के लिए वाहनों की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने बताया कि मौके पर जेसीबी मशीन, रस्सी, वुड कटर, स्ट्रैचर और अन्य आवश्यक वस्तुएं भेज दी गई हैं।

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