देहरादून। देहरादून की फिज़ाओं में रविवार को होली के रंग कुछ ज्यादा ही गहरे थे। अवसर था उत्तरांचल प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह का, जहाँ गुलाल की खुशबू, ढोल की थाप और ठहाकों की गूंज ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया। पत्रकार, जनप्रतिनिधि, कलाकार और उनके परिवार, सब एक ही रंग में रंगे नजर आए, वह रंग था अपनत्व और सौहार्द का।
दीप की लौ के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि गणेश जोशी और अति विशिष्ट अतिथि नरेश बंसल ने मंच से होली की शुभकामनाएं देते हुए इस पर्व को मनों को जोड़ने वाला उत्सव बताया। उनके साथ जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष गीता राम गौड़, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, सूचना विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा माहरा दसौनी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
जब लोक कलाकारों ने गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनपुरी और राजस्थानी सुरों की छटा बिखेरी तो परिसर मानो पहाड़ों की वादियों में बदल गया। रंगों के इस उत्सव में संगीत की मिठास घुली तो हर चेहरा मुस्कान से खिल उठा। प्रसिद्ध जौनसारी लोक गायिका रेशमा शाह और गढ़वाली लोक गायक विवेक नौटियाल की प्रस्तुतियों पर दर्शक थिरक उठे। क्लब परिवार की ओर से वंदना अग्रवाल और उनके सुपुत्र रूद्राक्ष अग्रवाल की होली प्रस्तुति ने तालियों की गूंज को और ऊँचा कर दिया।
बच्चों के हाथों में उपहार और चेहरों पर अबीर की लाली ने आयोजन को पारिवारिक ऊष्मा दी। बीच-बीच में लक्की ड्रा और बंपर ड्रा ने रोमांच का रंग भी घोला।
अपने संबोधन में गणेश जोशी ने कहा कि होली केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि मन के मैल को धोने और रिश्तों को नए सिरे से रंगने का अवसर है। नरेश बंसल ने मीडिया की भूमिका को लोकतंत्र की आत्मा बताते हुए कहा कि संवाद और संवेदनशीलता ही समाज को मजबूत बनाती है।
प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा ने अतिथियों और सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मिलन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि विचारों और दिलों का संगम है। कार्यक्रम का संचालन क्लब महामंत्री योगेश सेमवाल और योगेश शैली ने सहज और रोचक अंदाज में किया।
अंत में जब अबीर-गुलाल के साथ पारंपरिक होली गीत गूंजे तो लगा मानो शब्द, सुर और रंग एक साथ बह चले हों। इस तरह उत्तरांचल प्रेस क्लब का होली मिलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि रिश्तों को रंगने और मुस्कानों को सहेजने की एक सुंदर याद बन गया।
