देहरादून। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बने दबाव के बीच उत्तराखंड सरकार राज्य में एलपीजी और ईंधन की उपलब्धता तथा वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रही है। इसी क्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने प्रदेशभर में सघन जांच अभियान चलाते हुए तीन दिनों में व्यापक निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई की है।
विभागीय अधिकारियों ने 10, 11 और 12 मार्च 2026 के दौरान विभिन्न जनपदों में निरीक्षण अभियान चलाया। विभाग के आयुक्त ने बताया कि इस अवधि में प्रदेशभर में कुल 280 निरीक्षण किए गए। जांच के दौरान 58 स्थानों पर छापेमारी की गई, जबकि गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर चार मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
कार्रवाई के दौरान अवैध भंडारण और दुरुपयोग के मामलों में 74 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। इसके अलावा एक काटा (वजन मापने का उपकरण) और दो अवैध रिफिलिंग किट भी बरामद की गईं। विभाग की ओर से अनियमितताओं के मामलों में कुल 4600 रुपये का अर्थदंड भी वसूला गया है।
आयुक्त ने कहा कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं को निर्धारित मूल्य पर गैस और ईंधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कालाबाजारी, जमाखोरी या अवैध रिफिलिंग जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। विभाग का कहना है कि यदि कहीं भी गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण, कालाबाजारी या रिफिलिंग जैसी गतिविधियां दिखाई दें तो इसकी जानकारी तुरंत अधिकारियों को दी जाए। इससे समय रहते कार्रवाई संभव हो सकेगी और उपभोक्ताओं के हितों की बेहतर तरीके से रक्षा की जा सकेगी।
अमेरिका-ईरान युद्ध से बढ़ा वैश्विक ईंधन संकट
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि United States और Iran के बीच चल रहे युद्ध और उसके कारण खाड़ी क्षेत्र में बने तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ रहा है। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में से एक माना जाता है, इसलिए यहां किसी भी सैन्य टकराव का प्रभाव वैश्विक ईंधन बाजार पर तुरंत दिखाई देता है। कच्चे तेल की आपूर्ति में अनिश्चितता और कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण कई देशों में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर दबाव बढ़ा है। इसी पृष्ठभूमि में विभिन्न राज्यों की सरकारें ईंधन की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध रिफिलिंग पर कड़ी निगरानी रख रही हैं, ताकि उपभोक्ताओं को निर्धारित कीमत पर गैस और ईंधन उपलब्ध कराया जा सके।
