देहरादून। उत्तराखंड माटी कला बोर्ड में उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। प्रजापति समाज ने बोर्ड में गैर-कुम्हार लोगों को जिम्मेदारी दिए जाने पर आपत्ति जताते हुए राज्य सरकार से नियुक्तियों पर दोबारा विचार करने की मांग की है। समाज का कहना है कि माटी कला से सीधे जुड़े पारंपरिक कारीगरों को बोर्ड में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
चकराता रोड स्थित कुम्हार मंडी में आयोजित प्रजापति समाज के बैठक एवं संवाद कार्यक्रम में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा। कार्यक्रम में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से समाज के प्रतिनिधि पहुंचे। बैठक में माटी कला बोर्ड के साथ ही शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, युवाओं के भविष्य, राजनीतिक भागीदारी और कुम्हार समाज को आवंटित भूमि पर कब्जे जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
बोर्ड के उद्देश्य के अनुरूप हों नियुक्तियां
पूर्व राज्य मंत्री मेला राम प्रजापति ने कहा कि माटी कला बोर्ड का गठन मिट्टी के पारंपरिक काम से जुड़े कारीगरों के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए किया गया है। ऐसे में बोर्ड के महत्वपूर्ण पदों पर ऐसे लोगों की भागीदारी जरूरी है, जिन्हें माटी शिल्प और कारीगरों की समस्याओं की व्यावहारिक जानकारी हो।
उन्होंने हाल में हुई नियुक्तियों पर समाज की नाराजगी का जिक्र करते हुए सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। उनका कहना था कि बोर्ड में अनुभवी और योग्य माटी शिल्पकारों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलने से कारीगरों की समस्याओं और जरूरतों को बेहतर तरीके से सामने रखा जा सकेगा।
युवाओं की शिक्षा और रोजगार पर भी मंथन
राष्ट्रीय प्रजापति महासभा के प्रदेश अध्यक्ष संजय प्रजापति ने समाज से संगठित होकर अपने मुद्दों को उठाने की अपील की। बैठक में विशेष रूप से युवाओं की शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर चर्चा की गई।
प्रतिनिधियों ने स्वरोजगार के जरिए युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने और विभिन्न क्षेत्रों में समाज की भागीदारी बढ़ाने के सुझाव दिए। राजनीतिक क्षेत्र में समाज को अधिक प्रतिनिधित्व मिलने का मुद्दा भी बैठक में उठा।
24 बीघा जमीन को लेकर आंदोलन की चेतावनी
संवाद कार्यक्रम में देहरादून के शास्त्रीनगर में कुम्हारों के लिए आवंटित बताई जा रही 24 बीघा भूमि का मामला भी प्रमुखता से उठा। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि इस भूमि के एक हिस्से पर अवैध कब्जा है।
बैठक में मांग की गई कि संबंधित विभाग जमीन से कब्जा हटाने के लिए जल्द कार्रवाई करे। साथ ही तय किया गया कि समाधान नहीं होने पर समाज के लोग नगर निगम में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
कई जिलों से पहुंचे समाज के प्रतिनिधि
कार्यक्रम का संचालन योगेश प्रजापति ने किया। बैठक में प्रजापति सामाजिक संस्था देहरादून के अध्यक्ष एडवोकेट चन्द्रपाल प्रजापति, संरक्षक राजकुमार दक्ष, विनय प्रजापति, ओमप्रकाश प्रजापति, ऋषिकेश से पार्षद देवेंद्र प्रजापति, रुड़की से पार्षद यजुर प्रजापति, अशोक प्रजापति, अंकित प्रजापति, राजकुमार प्रजापति, अनिल वर्मा, भ्रगुनाथ पंडित और कृपाल प्रजापति सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
