देहरादून। उत्तराखंड में क्षेत्रीय राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और धार्मिक संगठनों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से उत्तराखंड डेमोक्रेटिक अलायंस के गठन की घोषणा की गई है। गठबंधन ने प्रदेश में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प तैयार करने और आगामी विधानसभा चुनाव में प्रभावी भूमिका निभाने का दावा किया है।
अलायंस की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और लंबे समय से बनी जनसमस्याओं के समाधान के लिए क्षेत्रीय ताकतों को एकजुट होना होगा। इसके लिए क्षेत्रीय दलों, संगठनों, बुद्धिजीवियों और आम जनता से साथ आने का आह्वान किया गया है।
आशुतोष नेगी को सौंपी संयोजक की जिम्मेदारी
उत्तराखंड डेमोक्रेटिक अलायंस ने उत्तराखंड क्रांति दल (ऑफिशियल/आशुतोष) के नेता आशुतोष नेगी को गठबंधन का संयोजक नियुक्त किया है। अलायंस का कहना है कि उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में क्षेत्रीय दलों तथा संगठनों को जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा।
मूल निवास, रोजगार और राजधानी जैसे मुद्दों को बनाया एजेंडा
गठबंधन ने मूल निवास, हक-हकूक, स्थायी राजधानी, रोजगार, विकास और भ्रष्टाचार को अपने प्रमुख मुद्दों में शामिल किया है। जारी बयान में जल, जंगल, जमीन, खनन, पेपर लीक, रिश्वतखोरी और माफिया गतिविधियों के खिलाफ व्यापक संघर्ष की बात कही गई है।
अलायंस का आरोप है कि राज्य गठन के बाद बीते वर्षों में सत्ता में रही सरकारें इन मुद्दों का प्रभावी समाधान नहीं कर सकीं। संगठन ने कहा कि स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा और जनसमस्याओं के समाधान के लिए क्षेत्रीय राजनीतिक विकल्प जरूरी है।
आगामी चुनाव में अहम भूमिका निभाने का दावा
उत्तराखंड डेमोक्रेटिक अलायंस ने कहा कि वह प्रदेश में क्षेत्रीय दलों की सरकार बनाने की दिशा में काम करेगा। गठबंधन ने सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के साथ ही उत्तराखंड के लोगों से इस अभियान में सहयोग की अपील की है। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह लोग भाजपा और कांग्रेस से नाराज होकर तीसरे मोर्चे की तरफ देख रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि आगामी चुनाव में उनकी भूमिका अहम होने जा रही है।
