देहरादून। त्योहारी सीजन के बीच खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने देहरादून में निगरानी और सख्त कर दी है। विभाग की अलग-अलग टीमों ने शहर से लेकर ऋषिकेश, डोईवाला, रानीपोखरी, भानियावाला और विकासनगर तक खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान कहीं जरूरी दस्तावेज नहीं मिले तो कहीं साफ-सफाई के मानकों का पालन नहीं पाया गया।
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर चलाए गए अभियान में खाद्य लाइसेंस, पेयजल की गुणवत्ता, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, पेस्ट कंट्रोल से जुड़े दस्तावेज और परिसर की स्वच्छता व्यवस्था को जांच के दायरे में रखा गया। नियमों में कमी मिलने पर कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए, जबकि अस्वच्छ परिस्थितियों में संचालन पाए जाने पर चालान की कार्रवाई भी की गई।
कोर्ट कैंटीन में नहीं मिले जरूरी दस्तावेज
देहरादून कोर्ट परिसर स्थित खाद्य कैंटीन भी विभागीय जांच के दायरे में आई। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र रमेश सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम को मौके पर खाद्य लाइसेंस, पेयजल जांच रिपोर्ट और कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले।
विभाग ने कैंटीन संचालक को नोटिस जारी कर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही नियमों का अनुपालन सुनिश्चित नहीं होने की स्थिति में आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
नेहरू कॉलोनी में दो प्रतिष्ठानों पर चालान
निरीक्षण टीम ने नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में भी कई खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। स्वाद पंजाब ढाबा और अंगीठी मोमोज में स्वच्छता से जुड़ी कमियां पाए जाने पर चालान की कार्रवाई की गई।
इसके अलावा नेगी जी कुरकुरे हाट और अंगीठी बाय गौरव में भी जरूरी दस्तावेजों की कमी सामने आई। यहां पानी की जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं थे। विभाग ने दोनों प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए हैं।
मिठाई की दुकानों पर भी विभाग की नजर
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई कारोबारियों को भी उपभोक्ताओं के लिए जरूरी जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। राहुल स्वीट्स, चंचल स्वीट्स और आहूजा स्वीट्स में मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करने को कहा गया।
विभाग का जोर इस बात पर है कि ग्राहक मिठाई खरीदते समय उसके निर्माण और उपयोग की अवधि से जुड़ी जानकारी आसानी से देख सकें। इससे खाद्य कारोबार में पारदर्शिता के साथ उपभोक्ताओं को भी निर्णय लेने में सुविधा होगी।
नोटिस के बाद खाद्य निर्माण पर रोक के निर्देश
विभाग ने खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले कारोबारियों को नोटिस जारी करने के साथ ही अगले आदेश तक खाद्य पदार्थों का निर्माण नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, नोटिस में बताई गई कमियों को दूर करना और निर्धारित मानकों का पालन करना संबंधित कारोबारियों की जिम्मेदारी होगी। नियमों का उल्लंघन जारी रहने पर कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ऋषिकेश, डोईवाला और रानीपोखरी में भी जांच
अभियान को देहरादून शहर तक सीमित नहीं रखा गया। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऋषिकेश संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने भानियावाला, रानीपोखरी, डोईवाला और ऋषिकेश क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, दस्तावेजों और खाद्य सुरक्षा मानकों की स्थिति देखी गई। कारोबारियों को नियमों के अनुरूप संचालन करने और मिठाई की ट्रे पर निर्माण व अवसान तिथि अंकित करने के निर्देश दिए गए।
जांच में पांच खाद्य नमूने अधोमानक
खाद्य पदार्थों के नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद विभाग ने कुछ मामलों में भी कार्रवाई की है। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा, देहरादून मनीष सयाना के अनुसार आईटी पार्क का पनीर लूज, विकासनगर का पनीर लूज, सीमाद्वार का गाय का दूध, नेहरू कॉलोनी का सिंघाड़े का आटा और नट फ्लोर जांच में अधोमानक पाए गए। इन मामलों में संबंधित खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 46(4) के तहत नोटिस जारी किए गए हैं।
लगातार जारी रहेगा निरीक्षण अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक खाद्य प्रतिष्ठानों में मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा। विभाग की टीमें खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ-साथ प्रतिष्ठानों की स्वच्छता, लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेजों की भी जांच करेंगी।
अभियान में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, संतोष कुमार सिंह और विकासनगर के वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी समेत अन्य विभागीय अधिकारी शामिल रहे।
सहायक आयुक्त मनीष सयाना ने कहा कि खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच और खाद्य नमूनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विभाग ने खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने, स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की अपील की है।


