Dehradun STPI Incubation Centre: 30 हजार वर्गफुट की नई सुविधा शुरू, स्टार्टअप्स को मिलेंगे नए अवसर

Dehradun STPI Incubation Centre: 30 हजार वर्गफुट की नई सुविधा शुरू, स्टार्टअप्स को मिलेंगे नए अवसर

देहरादून। उत्तराखंड के टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में शुक्रवार को एक अहम पहल हुई। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) ने देहरादून के आईटी पार्क, सहस्रधारा रोड में अपनी नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी शुरू कर दी।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने नई सुविधा का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के मंत्री प्रदीप बत्रा और गणेश जोशी समेत केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी तथा STPI के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। STPI के मुताबिक नई सुविधा का उद्देश्य IT/ITeS कंपनियों, स्टार्टअप्स और तकनीकी उद्यमियों को ऐसा प्लेटफॉर्म देना है, जहां वे कम शुरुआती लागत में अपना काम शुरू करने और आगे विस्तार करने की दिशा में बढ़ सकें।

30 हजार वर्गफुट में तैयार हुआ नया सेंटर

आईटी पार्क में करीब 30,000 वर्गफुट क्षेत्रफल में तैयार की गई इस नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी को आधुनिक तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है।

यहां अर्ध-सुसज्जित ऑफिस स्पेस, हाई-स्पीड इंटरनेट, वातानुकूलित और पर्यावरण-अनुकूल कार्यस्थल के साथ ऑडिटोरियम, मीटिंग रूम, कॉन्फ्रेंस रूम और नेटवर्क ऑपरेशंस सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

STPI का कहना है कि इस तरह का बुनियादी ढांचा नए उद्यमियों को ऑफिस और तकनीकी सुविधाओं की शुरुआती चुनौती से राहत देगा और उन्हें अपने उत्पाद, सेवाओं तथा कारोबार के विकास पर ज्यादा ध्यान देने का अवसर मिलेगा।

युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए बड़ा अवसर

उद्घाटन के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने तकनीक आधारित उद्यमिता को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ते हुए तकनीकी आत्मनिर्भरता और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने उत्तराखंड में 1,700 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में प्रतिभा और उद्यमिता की पर्याप्त संभावनाएं हैं। उनके मुताबिक देहरादून में इस तरह की सुविधा निवेश, रोजगार और तकनीकी नवाचार के नए अवसर तैयार करने में मदद कर सकती है।

उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए काशीपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर समेत केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों का भी उल्लेख किया।

देहरादून को IT हब बनाने पर जोर

उत्तराखंड सरकार की ओर से भी देहरादून को बड़े टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर जोर दिया गया। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देहरादून पहले से ही देश के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में शामिल है और यहां IT क्षेत्र के लिए भी बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि शहर में बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े IT केंद्रों की तर्ज पर तकनीकी अवसर विकसित किए जा सकते हैं।

वहीं, राज्य के आईटी सचिव पंकज पांडे ने नई सुविधा को उत्तराखंड के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के विस्तार से जोड़ते हुए कहा कि इससे युवा उद्यमियों को जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और सहयोग मिल सकेगा।

उन्होंने राज्य में डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में किए जा रहे काम का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक राज्य में करीब 1,000 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।

स्टार्टअप्स को मेंटरशिप से लेकर निवेशकों तक कनेक्शन

STPI के महानिदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि STPI का नेटवर्क केवल ऑफिस स्पेस उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य स्टार्टअप्स को निवेशकों, विशेषज्ञों, मेंटर्स और तकनीकी संसाधनों से जोड़ना भी है।

नई सुविधा के जरिए उभरते IT/ITeS उद्यमों को कारोबार शुरू करने और विस्तार करने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही Centre of Entrepreneurship के माध्यम से मेंटरशिप, इंडस्ट्री कनेक्ट और साइबर सिक्योरिटी जैसी जरूरतों पर भी सहयोग दिया जाएगा।

STPI देहरादून का पुराना नेटवर्क भी मजबूत

देहरादून में STPI की मौजूदगी नई नहीं है। STPI के आधिकारिक विवरण के मुताबिक संगठन की देहरादून में मौजूदगी वर्ष 2001 से है और यह IT/ITeS सेक्टर को इन्क्यूबेशन, डेटा कम्युनिकेशन और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराता रहा है। IT Park में STPI का केंद्र भी लंबे समय से संचालित है। STPI के मुताबिक देहरादून में पहले से संचालित इन्क्यूबेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के रूप में नई 30,000 वर्गफुट की सुविधा महत्वपूर्ण है।

52 स्टार्टअप्स का चयन, 17 को 4.25 करोड़ की सीड फंडिंग

स्टार्टअप सपोर्ट के क्षेत्र में STPI की Next Generation Incubation Scheme (NGIS) भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विभिन्न चैलेंज कार्यक्रमों के जरिए 52 स्टार्टअप्स का चयन किया गया है।

इनमें से 17 स्टार्टअप्स को कुल 4.25 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग दी गई है, जबकि 26 से अधिक स्टार्टअप्स को 90-90 हजार रुपये का स्टाइपेंड मिला है। इसका मकसद ऐसे तकनीकी उत्पादों और समाधानों को बढ़ावा देना है, जिनमें आगे बड़े स्तर पर कारोबार और रोजगार पैदा करने की क्षमता हो।

नई सुविधा से क्या बदलेगा?

नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी के शुरू होने से देहरादून में तकनीकी उद्यमियों के लिए उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर का दायरा बढ़ेगा। इससे स्टार्टअप्स को काम करने की जगह, तकनीकी सुविधाओं, नेटवर्किंग, मेंटरशिप और संभावित निवेशकों से जुड़ने का एक साझा प्लेटफॉर्म मिल सकता है।

उत्तराखंड के लिए यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि राज्य सरकार लंबे समय से IT, स्टार्टअप और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर जोर दे रही है। STPI की नई सुविधा इस इकोसिस्टम को केंद्र सरकार के तकनीकी और उद्यमिता नेटवर्क से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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