गैरसैंण/देहरादून। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में चल रहा विधानसभा सत्र बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके साथ ही वर्तमान विधानसभा के कार्यकाल का यह अंतिम सत्र भी समाप्त हो गया। दो दिन के लिए निर्धारित सत्र वास्तविक रूप से करीब डेढ़ दिन ही चल सका। दूसरे दिन सदन में भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर कांग्रेस विधायकों के विरोध और नारेबाजी के बीच सरकार ने अनुपूरक बजट तथा निर्धारित विधायी कार्य पूरे कराए।
सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे शुरू हुई। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर नियम 310 के तहत चर्चा कराने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने इस विषय को नियम 58 के तहत सुनने की बात कही, जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया। कांग्रेस विधायक वेल में पहुंच गए और नारेबाजी के साथ काले झंडे भी लहराए। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
हंगामे के बीच सरकार ने मंगलवार को पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के 7,844.18 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को पारित करा लिया। इसमें 3,679.86 करोड़ रुपये राजस्व मद और 4,164.32 करोड़ रुपये पूंजीगत मद में रखे गए हैं। मूल बजट में अनुपूरक बजट जुड़ने के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 का कुल बजट आकार 1,19,547.39 करोड़ रुपये हो गया है।
बजट के साथ कुल 10 विधेयक भी पारित किए गए। इनमें उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक, निवेश एवं आधारिक संरचना विकास एवं विनियमन संशोधन विधेयक, जीएसटी संशोधन विधेयक, निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, जन विश्वास संबंधी संशोधन विधेयक, अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम संशोधन विधेयक, अग्निशमन एवं आपात सेवाओं से संबंधित विधेयक और उत्तराखंड सिविल विधि संशोधन विधेयक शामिल रहे। दो अध्यादेश भी सदन के पटल पर रखे गए।
विधानसभा की कार्यवाही के उपलब्ध विवरण के अनुसार, 27 अक्टूबर को सदन करीब छह घंटे 58 मिनट चला। 28 अक्टूबर को हंगामे और बार-बार स्थगन के बीच विभिन्न चरणों में कार्यवाही हुई और दोपहर 1 बजकर 6 मिनट पर सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। दोनों दिनों को मिलाकर सदन की कुल कार्यवाही करीब आठ घंटे चार मिनट दर्ज की गई।
सत्र के दौरान राजनीतिक टकराव भी प्रमुख रूप से सामने आया। कांग्रेस ने सरकार पर भ्रष्टाचार और विभिन्न जन मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाते हुए विरोध किया, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष के रवैये को अराजकता फैलाने वाला बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण में आयोजित यह सत्र वर्तमान सरकार के कार्यकाल का अंतिम विधानसभा सत्र है।
सत्र समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गैरसैंण से देहरादून के लिए रवाना हुए। वह जीवीके हेलीपैड तक पहुंचे और इसके बाद श्रीनगर से देहरादून तक सड़क मार्ग से जाने का निर्णय लिया। इस दौरान उन्होंने हरिद्वार-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति का जायजा लिया और सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत तथा गड्ढामुक्त अभियान के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
श्रीनगर के पास मुख्यमंत्री का काफिला एक स्थानीय चाय की दुकान पर भी रुका। उन्होंने स्थानीय लोगों और दुकानदारों के साथ चाय पी और बातचीत की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से क्षेत्र की स्थिति और समस्याओं की जानकारी ली।
देवप्रयाग पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय दुकानदारों और महिलाओं से बातचीत की। उन्होंने बस अड्डे स्थित सुलभ शौचालय का निरीक्षण किया और उसकी सुविधाओं को और बेहतर एवं आधुनिक बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री संगम व्यू प्वाइंट पहुंचे और अलकनंदा-भागीरथी के संगम के दर्शन किए।


