देहरादून। वर्षों से जाम और परेशानियों का सबब बने आढ़त बाजार की शिफ्टिंग को लेकर प्रक्रिया इन दिनों तेजी से चल रही है। शुक्रवार को एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना के क्रियान्वन को लेकर बैठक हुई। एमडीडीए ने बताया कि प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया एक जुलाई से शुरू होगी। इसका आवंटन प्राधिकरण द्वारा पूर्व में तैयार की गई पुनर्वास नीति के आधार पर किया जाएगा।
बैठक में वास्तुविद और परामर्शदायी संस्था ने निर्माणाधीन आढत बाजार का प्रस्तुतीकरण दिया। इसके माध्यम से उन्होंने सभी लाभार्थियों को परियोजना के लेआउट, दुकानों के डिजाइन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आढत बाजार के लिए प्लॉटिंग का काम 70 फीसदी और पार्किंग का काम 90 फीसदी पूरा कर लिया गया है।
बैठक में निर्णय हुआ कि, पहले चरण में बड़े प्लॉट आढ़त बाजार के व्यापारियों के लिए आरक्षित रहेंगे।उसके बाद भी प्लॉट उपलब्ध रहने की स्थिति में दूसरे चरण में उन्हें अन्य आढ़त व्यापारियों को आवंटित किया जाएगा। दूसरे चरण के प्लॉट आवंटन के लिए आढत बाजार एसोसिएशन अलग से प्रस्ताव देगी। आढत बाजार से संबंधित प्रतिनिधियों ने प्राधिकरण द्वारा आवंटित होने वाले प्लॉट की खरीद-फरोख्त पर अगले 10 वर्षों तक के लिए रोक लगाने का अनुरोध किया।
एमडीडीए ने संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन भी किया, जो आवंटन से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण करेगी। बैठक में प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधीशासी अभियंता सुनील कुमार, अवर अभियंता सुनील उप्रेती, लेखपाल नजीर अहमद, वास्तुविद प्रशांत नौटियाल, आढत बाजार एसोशिऐशन के अध्यक्ष राजेंद्र गोयल, सचिव विनोद गोयल और गांधी रोड व आढत बाजार के अन्य दुकानदार मौजूद रहे।
