प्रतिबंधित कफ सिरप की जांच को छापेमारी, 170 नमूने जांच को भेजे, मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ कार्रवाई

प्रतिबंधित कफ सिरप की जांच को छापेमारी, 170 नमूने जांच को भेजे, मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ कार्रवाई

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कफ सिरप पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की टीमें राज्यभर में सक्रिय हैं। अब तक 170 नमूने जांच हेतु भेजे जा चुके हैं, जबकि देहरादून में 7 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त किए गए और कई स्थानों पर संदिग्ध सिरप जब्त किए गए हैं।

देहरादून में चला सबसे बड़ा छापेमारी अभियान
आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार और ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के निर्देश पर औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा की टीम ने चकराता रोड, किशननगर चौक, बल्लूपुर, कांवली और प्रेमनगर क्षेत्रों में छापेमारी की। बच्चों को दी जाने वाली खांसी-जुकाम की दवाओं के विक्रय पर रोक लगाई गई और संदिग्ध सिरप सील कर नमूने जांच को भेजे गए।

उधम सिंह नगर, हरिद्वार और रुड़की में भी सख्ती
वरिष्ठ निरीक्षक नीरज कुमार व निधि शर्मा की टीम ने उधम सिंह नगर से 40 सिरप नमूने जांच के लिए लिए। वहीं हरिद्वार व रुड़की में औषधि निरीक्षक अनीता भारती के नेतृत्व में एयरन, विनय विशाल और मेट्रो हॉस्पिटल से 15 सिरप नमूने लिए गए।

हल्द्वानी, कोटद्वार, अल्मोड़ा और रुद्रप्रयाग में अभियान जारी
हल्द्वानी के सोबन सिंह जीना बेस हॉस्पिटल से 3 नमूने लिए गए। कोटद्वार में Respifresh TR सिरप का स्टॉक सीज किया गया। अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया व चांदीखेत में 12 बोतलें जब्त की गईं और चार नमूने जांच को भेजे गए। रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा क्षेत्र में 4 नमूने लिए गए।

उत्तरकाशी में लिए चार कफ सिरप के नमूने
औषधि निरीक्षक मोहम्मद ताजिम के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में Coldrif, Respifresh TR, Relife और Dextromethorphan Hydrobromide Syrup के नमूने लिए गए। चेतावनी दी गई कि 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कोई कफ सिरप न दिया जाए।

मुख्यमंत्री धामी बोले बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं होगा। “हम हर उस तत्व के खिलाफ सख्त हैं जो बच्चों की जान से खिलवाड़ करेगा।” इसके लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। “राज्य सरकार बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह अभियान सुरक्षित उत्तराखंड के संकल्प को मजबूत करेगा।”

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि उत्तराखंड में बच्चों की सेहत सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता बिना डॉक्टर की सलाह कोई सिरप न दे।

ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा एफडीए का अभियान जारी रहेगा। “हमारा लक्ष्य है कि किसी भी असुरक्षित औषधि को बाजार से पूरी तरह समाप्त किया जाए।”

प्रतिबंधित सिरप मिले तो एफडीए कार्यालय को दें सूचना
विभाग ने जनता से अनुरोध किया है कि यदि किसी मेडिकल स्टोर में प्रतिबंधित सिरप मिले तो तत्काल औषधि निरीक्षक या एफडीए कार्यालय को सूचित करें। दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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