आत्महत्या कर लूंगा, अगर मुझ पर लगाए आरोप साबित हुएः कैबिनेट मंत्री का बड़ा बयान, कहा इस्तीफा भी दूंगा

आत्महत्या कर लूंगा, अगर मुझ पर लगाए आरोप साबित हुएः कैबिनेट मंत्री का बड़ा बयान, कहा इस्तीफा भी दूंगा

देहरादून। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री खजान दास के सरकारी आवास के बाहर रविवार को उस समय सियासी माहौल गरमा गया, जब चकराता विधानसभा क्षेत्र से आए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अनुसूचित जाति-जनजाति से जुड़ी योजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने योजनाओं के लाभार्थियों के चयन से लेकर विकास कार्यों के आवंटन तक में गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों पर खजान दास ने भी बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाया गया एक भी आरोप साबित हो गया तो वह मंत्री पद से इस्तीफा ही नहीं देंगे, बल्कि आत्महत्या तक कर लेंगे।

मंत्री के इस बयान के बाद मामला केवल योजनाओं और कार्य आवंटन के आरोपों तक सीमित नहीं रहा। भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा अपनी ही सरकार के कैबिनेट मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन और उसके बाद मंत्री की इतनी तीखी प्रतिक्रिया ने पूरे प्रकरण को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया है।

क्या है पूरा विवाद?

चकराता विधानसभा क्षेत्र से देहरादून पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में पात्र लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। उनकी आपत्ति विशेष रूप से लाभार्थियों के चयन और विभिन्न कार्यों के आवंटन को लेकर थी।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 15 से 20 प्रतिशत तक कथित कमीशनखोरी के कारण योजनाओं के करीब 80 प्रतिशत काम कांग्रेस से जुड़े लोगों को दिए जा रहे हैं। उनका यह भी आरोप है कि इसके चलते पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

खजान दास ने दी बेहद कड़ी प्रतिक्रिया

अपने सरकारी आवास के बाहर हुए प्रदर्शन और आरोपों के बाद कैबिनेट मंत्री खजान दास ने पलटवार किया। उन्होंने आरोपों को चुनौती देते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाया गया एक भी आरोप यदि साबित हो जाता है तो वह मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे।

इसके साथ ही उन्होंने इससे भी आगे जाते हुए आत्महत्या तक करने की बात कही। मंत्री का यह बयान सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया है।

भाजपा के भीतर से उठे सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण

इस घटनाक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि विरोध करने वाले लोग भाजपा से जुड़े बताए जा रहे हैं, जबकि खजान दास स्वयं भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। ऐसे में चकराता क्षेत्र की एससी-एसटी योजनाओं में लाभार्थियों के चयन और कार्य आवंटन का रिकॉर्ड सामने आने तथा आरोपों की जांच होने के बाद ही पूरे विवाद की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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