हरिद्वार। उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की आर्थिक सहायता योजना में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि तीन मृत निर्माण श्रमिकों के नाम पर सहायता राशि लेने के लिए फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र और अन्य कागजात लगाए गए। जांच के बाद हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
बोर्ड को मृत्यु के बाद मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए तीन ऑनलाइन आवेदन मिले थे। ये आवेदन मेहरबान शाह, नदीन और मेनपाल के नाम से किए गए थे। स्थानीय जांच में पता चला कि इन तीनों लोगों की मौत पहले ही हो चुकी थी।
इसके बाद श्रम विभाग ने लक्सर ब्लॉक के पंचायत कार्यालय से मृत्यु प्रमाणपत्रों की जांच कराई। पंचायत कार्यालय के रिकॉर्ड में इन लोगों की मृत्यु की कोई एंट्री नहीं मिली। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आवेदन के साथ लगाए गए मृत्यु प्रमाणपत्र ग्राम पंचायत कार्यालय से जारी नहीं किए गए थे।
जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर रिपोर्ट देहरादून स्थित बोर्ड मुख्यालय भेजी गई। बोर्ड के निर्देश पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी, हरिद्वार ने संबंधित नामितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के सचिव प्रकाश चंद्र दुम्का ने बताया कि श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए बनी योजनाओं का गलत तरीके से लाभ लेने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह योजनाएं श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए है। लेकिन यदि इसमें कोई गड़बड़ी करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी मामलों की गहनता से जांच की जाती है, जिससे कि किसी भी तरह की धोखाधड़ी को पहले ही रोका जा सके।
