ईपीएफओः पूरे जोन में लागू होगा देहरादून का संवेदना मॉडल, PMVBRY, ईपीएफ निकासी के नए नियम और डिजिटल सुधारों पर फोकस

ईपीएफओः पूरे जोन में लागू होगा देहरादून का संवेदना मॉडल, PMVBRY, ईपीएफ निकासी के नए नियम और डिजिटल सुधारों पर फोकस

देहरादून। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने उत्तराखंड में अपनी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, त्वरित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कई नई पहल शुरू की हैं। संगठन के अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त अजय के. मेहरा ने बताया कि राज्य में 9,744 प्रतिष्ठान और 7.74 लाख से अधिक अंशदायी सदस्य ईपीएफओ से जुड़े हैं। उन्होंने देहरादून कार्यालय की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए यहां शुरू किए गए ‘संवेदना’ सेल को पूरे दिल्ली, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जोन में लागू करने की घोषणा की।

देहरादून स्थित ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में अजय के. मेहरा ने कहा कि संगठन का उद्देश्य सदस्यों को समयबद्ध, सरल और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में सभी दावों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जा रहा है और सेवा गुणवत्ता में लगातार सुधार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘संवेदना’ सेल मृत्यु दावों के त्वरित और संवेदनशील निस्तारण के लिए शुरू की गई एक विशेष पहल है। इस व्यवस्था के माध्यम से ईपीएफ, ईपीएस और ईडीएलआई से जुड़े मृत्यु दावों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जा रहा है। इसकी सफलता को देखते हुए अब इसे पूरे जोन में लागू किया जाएगा।

प्रेस वार्ता में उन्होंने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लगभग 99,446 करोड़ रुपये की इस योजना के जरिए अगले दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना का विशेष फोकस पहली बार औपचारिक रोजगार क्षेत्र में आने वाले युवाओं को सामाजिक सुरक्षा का लाभ उपलब्ध कराना है।

अजय के. मेहरा ने बताया कि ईपीएफ आंशिक निकासी के नियमों को भी काफी सरल बनाया गया है। अब शिक्षा, विवाह, आवास और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए निकासी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान होगी। कई मामलों में न्यूनतम सेवा अवधि घटाकर 12 माह कर दी गई है और शिक्षा व विवाह के लिए निकासी की संख्या भी बढ़ाई गई है।

उन्होंने बताया कि ईपीएफओ का नया CITES (Centralised IT Enabled System) दावों के निस्तारण, शिकायतों के समाधान और अन्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और तेज बनाएगा। इससे सदस्यों को कम समय में अधिक पारदर्शी सेवाएं मिल सकेंगी।

इस दौरान वेल्हम बॉयज़ स्कूल, देहरादून के वर्षों से लंबित ईडीएलआई छूट (EDLI Exemption) प्रकरण का भी निस्तारण किया गया। अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने विद्यालय की प्राचार्य संगीता कैन को औपचारिक रूप से EDLI Exemption Order सौंपा।

प्रेस वार्ता में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-प्रथम वी.वी.बी. सिंह, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-द्वितीय उदित साह, मोहम्मद जैद, सहायक भविष्य निधि आयुक्त संतोष कुमार और राजेश कुमार भी मौजूद रहे।

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