पल्ली गांव के मनदीप सिंह ने बढ़ाया गढ़वाल का मान, सैनिक के रूप में हुए भर्ती, अब बनेंगे फौजी अफसर

पल्ली गांव के मनदीप सिंह ने बढ़ाया गढ़वाल का मान, सैनिक के रूप में हुए भर्ती, अब बनेंगे फौजी अफसर

पौड़ी गढ़वाल। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच भी अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और हौसले मजबूत हों, तो सफलता जरूर मिलती है। विकासखंड थलीसैंण के पैठाणी क्षेत्र के छोटे से गांव पल्ली के रहने वाले राइफलमैन मनदीप सिंह ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। भारतीय सेना की प्रतिष्ठित ACC-133 एंट्री में चयनित होकर उन्होंने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे गढ़वाल क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अब वह जुलाई 2026 में अधिकारी प्रशिक्षण के लिए Indian Military Academy में प्रवेश लेंगे।

मनदीप सिंह की प्रारंभिक शिक्षा गांव के निकट स्थित कारगिल शहीद राइफलमैन मान सिंह गुसाईं इंटर कॉलेज, हिवालीधार से हुई। उन्होंने विज्ञान वर्ग से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उनका सपना सेना में अधिकारी बनने का था। आगे की शिक्षा के लिए वह पौड़ी गढ़वाल गए और बीएससी में प्रवेश लिया, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उन्हें पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी।

परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए मनदीप भारतीय सेना में जवान के रूप में गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुए। बाद में उनकी तैनाती 16 गढ़वाल राइफल्स में हुई। सेना की कठिन और व्यस्त दिनचर्या के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। ड्यूटी के साथ लगातार अध्ययन करते हुए उन्होंने ACC की कठिन लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद भोपाल में आयोजित सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड (SSB) से अनुशंसा प्राप्त कर अंततः ACC-133 की मेरिट सूची में स्थान हासिल किया।

मनदीप की सफलता के पीछे उनके परिवार का संघर्ष और सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। उनके पिता दिनेश सिंह कंडारी लंबे समय तक लुधियाना की एक कंपनी में ऑपरेटर के रूप में कार्यरत रहे, जबकि उनकी माता ने कठिन परिस्थितियों में परिवार को संभाला। उनके बड़े भाई, जो वर्तमान में 8 गढ़वाल राइफल्स में सेवारत हैं, ने उन्हें लगातार प्रेरित किया और अधिकारी बनने के सपने को जिंदा रखने के लिए उत्साहित किया।

ग्रामीणों के अनुसार मनदीप शुरू से ही अनुशासित, मेहनती और शांत स्वभाव के रहे हैं। उनकी उपलब्धि से गांव पल्ली में खुशी का माहौल है। यह गांव पहले से ही प्रतिभाशाली युवाओं के लिए जाना जाता है। परिवार से एक अधिकारी पहले ही कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर्स में मेजर पद पर कार्यरत हैं, जबकि समीपवर्ती गांव धरमोली से भी दो सेना अधिकारी निकल चुके हैं। गांव के कई युवा देश और विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।

गांव में 11 पूर्व सैनिक हैं और कई युवा वर्तमान में सेना में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में मनदीप सिंह की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियां कभी भी सपनों की राह नहीं रोक सकतीं, यदि व्यक्ति के भीतर मेहनत, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति हो।

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