देहरादून। वायु प्रदूषण से निपटने की दिशा में देहरादून ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देहरादून को देशभर में 12वां स्थान मिला है। राजधानी ने तीन वर्षों में 37वें से 12वें स्थान तक पहुंचकर अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है।
वर्ष 2024 में देहरादून इस श्रेणी में 41वें स्थान पर था। वर्ष 2025 में शहर की रैंकिंग सुधरकर 19वीं हो गई और अब 2026 के सर्वेक्षण में देहरादून 12वें पायदान पर पहुंच गया है। इसे धूल नियंत्रण, वाहनों के उत्सर्जन पर निगरानी, सड़क सफाई, स्वच्छ परिवहन, जनजागरूकता और लगातार मॉनिटरिंग जैसे प्रयासों का नतीजा माना जा रहा है।
नगर निगम और संबंधित विभागों ने संवेदनशील तथा भीड़भाड़ वाले इलाकों में धूल व प्रदूषक कणों को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन से जल छिड़काव कराया। प्रमुख सड़कों पर मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों के जरिए नियमित सफाई पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य सड़कों पर जमी धूल को कम कर हवा में फैलने वाले महीन कणों पर नियंत्रण पाना रहा।
खुले में कूड़ा और पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए भी जागरूकता अभियान चलाए गए। नागरिकों को कचरा न जलाने और स्वच्छता को रोजमर्रा की आदत का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशासनिक कार्रवाई के साथ जनता की भागीदारी को जोड़ने की रणनीति का असर रैंकिंग में भी दिखाई दिया है।
वाहनों से निकलने वाले धुएं पर नियंत्रण के लिए पीयूसी प्रमाण-पत्रों की जांच तेज की गई। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने और चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क मजबूत करने पर भी काम हुआ। वायु गुणवत्ता के आंकड़ों की नियमित निगरानी के आधार पर विभागों ने जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि को देहरादूनवासियों, नगर निगम, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभागों के साझा प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा केवल पर्यावरण नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य से जुड़ा विषय है।
देहरादून के साथ ऋषिकेश और काशीपुर में भी वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में प्रगति दर्ज की गई है। सरकार का लक्ष्य स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्ययोजनाएं बनाकर प्रदेश के अन्य शहरों में भी स्वच्छ वायु अभियान को मजबूत करना है।
