चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार को एक बड़ा हेलीकॉप्टर हादसा हो गया। बदरीनाथ से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड के लिए रवाना हुआ हेलीकॉप्टर जोशीमठ के पास चाई गांव के जंगल क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पायलट समेत हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई। चमोली पुलिस के अनुसार सभी छह शव बरामद कर लिए गए हैं।
दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर Trans Bharat Aviation Pvt. Ltd. का था। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुताबिक इसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-HCX और मॉडल AS350B3 था। हेलीकॉप्टर ने शुक्रवार दोपहर 1 बजकर 14 मिनट पर बदरीनाथ हेलीपैड से उड़ान भरी थी और उसे देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड पहुंचना था। इसमें एक पायलट और पांच यात्री सवार थे।
उड़ान के दौरान जोशीमठ घाटी के ऊपर हेलीकॉप्टर से संपर्क टूट गया। इसके साथ ही उसका ट्रैकिंग सिस्टम भी उसकी लोकेशन दिखाना बंद कर गया। इसके बाद चमोली जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और सेना की टीमें हेलीकॉप्टर की तलाश में जुट गईं। कुछ ही समय बाद जोशीमठ के पास चाई गांव और जेपी पावर हाउस के आसपास हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी सामने आई।
हादसे में जान गंवाने वालों में पायलट कैप्टन हिमांशु और पांच यात्री प्रताप, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के. और एच.एस. नटराजा शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पांचों यात्री बेंगलुरु के रहने वाले थे।
हादसे के वक्त क्षेत्र में मौसम भी खराब था। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 30 अक्टूबर को चमोली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। विभाग ने कुछ इलाकों में गरज-चमक, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं की चेतावनी दी थी। बदरीनाथ-जोशीमठ क्षेत्र में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का भी पूर्वानुमान था। खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण राहत एवं बचाव अभियान में भी मुश्किलें आईं। हालांकि, हादसे की वजह खराब मौसम ही थी, यह अभी आधिकारिक रूप से नहीं कहा गया है। दुर्घटना के वास्तविक कारण का पता जांच के बाद ही चलेगा।
हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस, जिला प्रशासन, सेना और आईटीबीपी की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। दुर्गम पहाड़ी इलाके और खराब मौसम के बीच टीमों ने हेलीकॉप्टर की लोकेशन तलाशने के लिए अभियान चलाया। बाद में मलबा मिलने के साथ ही दुर्घटना की पुष्टि हुई।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर दुख जताया और राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी की। शुरुआती जानकारी सामने आने के बाद उन्होंने गंभीर रूप से घायलों को तत्काल एयरलिफ्ट कर बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर पहुंचाने के निर्देश दिए थे। बाद में सभी छह लोगों की मौत की पुष्टि हो गई।
हादसे के बाद Trans Bharat Aviation ने एहतियाती तौर पर अपने पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े को ग्राउंड कर दिया है। यानी कंपनी के अन्य हेलीकॉप्टरों का संचालन फिलहाल रोक दिया गया है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी दुर्घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि DGCA की एक टीम को देहरादून भेजा गया है, जो हादसे का प्रारंभिक और नियामकीय आकलन करेगी। दुर्घटना के कारणों और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच इसी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
यह हादसा उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल सामने लाता है। बदरीनाथ, केदारनाथ और अन्य ऊंचाई वाले तीर्थस्थलों तक पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेलीकॉप्टर सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2016 से 2026 के बीच उत्तराखंड में 12 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 21 लोगों की जान गई।


