देहरादून। उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को प्रदेश के पांच जिलों में खराब मौसम की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवाओं, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि का खतरा बना रह सकता है। वहीं, चार जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य सरकार ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पर्वतीय इलाकों में विशेष सावधानी बरतने के साथ ही चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
Uttarakhand Weather Alert: इन 5 जिलों में बिगड़ सकता है मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 अक्टूबर को उत्तराखंड के नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली जिलों में कहीं-कहीं मौसम खराब रह सकता है।
इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। इसके अलावा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की जरूरत है।
इन 4 जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चम्पावत जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना भी व्यक्त की है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कों पर मलबा आने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
इसे देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन अलर्ट
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन से बातचीत कर आम जनता की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद सचिव विनोद कुमार सुमन ने संबंधित जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाएं सक्रिय रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए जरूरी निर्देश
खराब मौसम की आशंका के बीच चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को यात्रा मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और मौसम प्रतिकूल होने या किसी संभावित खतरे की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने को कहा गया है।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि मौसम की स्थिति के अनुसार समय रहते निर्णय लिए जाएं, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार के जोखिम का सामना न करना पड़े।
भूस्खलन और सड़क बंद होने की आशंका, विभागों को तैयारी के निर्देश
पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका को देखते हुए लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन और अन्य संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इन विभागों को अपनी मशीनरी और जरूरी संसाधन तैयार रखने को कहा गया है, ताकि सड़क पर मलबा आने या मार्ग बंद होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके और यातायात को जल्द से जल्द सुचारु किया जा सके।
आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश
सचिव आपदा प्रबंधन ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और नामित नोडल अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और आपातकालीन तैयारियों को प्राथमिकता दी है। लोगों को भी खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।


