देहरादून। लोक निर्माण विभाग के विभागाध्यक्ष के आदेश से ठेकेदारों में गुस्सा है। उन्होंने आदेश को पूर्व में अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में लिए गए निर्णय के खिलाफ बताते हुए वापस लिए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसा न होने पर सुरक्षा संबंधी परेशानियां बढ़ जाएंगी।
बुधवार को गढ़वाल इलैक्ट्रिक कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने बैठक कर अपनी नाराजगी जाहिर की। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह धवन ने कहा कि 2023 में गोपेश्वर में नमामि गंगे के प्रोजेक्ट में करंट फैलने से कर्मचारियों की मौत हो गई थी। इसके बाद, तत्कालीन अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया था कि सिविल के ठेकेदार इलैक्ट्रिक का काम नहीं करेंगे। सुरक्षा के मद्देनजर यह काम विद्युत ठेकेदारों से ही करवाया जाएगा।
लेकिन, पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष ने चार अगस्त को नया आदेश जारी किया है। इसके अनुसार, भविष्य में भवन संबंधी या अन्य सभी ऐसे कार्य, जिनमें सिविल के साथ ही विद्युत कार्य भी होने हैं, उसमें कंपोजिट टेंडर करने के निर्देश दिए हैं। धवन ने कहा कि यह अपर मुख्य सचिव के आदेश के उलट है, जिससे भविष्य में दुर्घटनाओं का खतरा फिर बढ़ जाएगा।
एसोसिएशन ने विभागाध्यक्ष के आदेश को तत्काल निरस्त करने और पेयजल व सिंचाई जैसी निर्माण एजेंसियों में भी विद्युत कार्यों को सिविल ठेकेदारों से करवाने पर रोक लगाने की मांग की। बैठक में सचिव विजय रावत, कोषाध्यक्ष अनूप गर्ग, रघुवीर खत्री, नीरज रावत, इंद्रेश खंडूड़ी, विमल थपलियाल, सुरेश चौधरी, अनुज प्रताप, पंकज धूलिया आदि मौजूद रहे।
