देहरादून। देहरादून में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज एक शिकायत ने उस समय अलग मोड़ ले लिया, जब मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने इसे फाइलों में निपटाने के बजाय खुद मौके पर जाकर जांचने का फैसला किया। आमतौर पर बैठकों और रिपोर्टों के जरिए निस्तारित होने वाली शिकायतों के बीच यह कदम प्रशासनिक कार्यशैली में बदलाव का संकेत देता है। मुख्यमंत्री ने न सिर्फ स्थल निरीक्षण किया, बल्कि वीडियो कॉल के जरिए अधिकारियों को जमीनी स्थिति दिखाकर जवाबदेही भी तय की।
मामला देहरादून के जाखन क्षेत्र का है, जहां निवासी विवेक मदान ने राजपुर रोड पर विद्युत लाइन को अंडरग्राउंड करने के बाद क्षतिग्रस्त हुए फुटपाथ को लेकर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि पहले सड़क किनारे सुव्यवस्थित फुटपाथ का निर्माण किया गया, लेकिन बाद में उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) द्वारा अंडरग्राउंड केबल बिछाने के लिए उसे खोद दिया गया। कार्य पूरा होने के बाद भरान सही तरीके से नहीं किया गया, जिससे फुटपाथ की टाइल्स धंस गईं और पैदल चलने वालों के लिए यह मार्ग असुविधाजनक हो गया।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री को सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक करनी थी, लेकिन उन्होंने पारंपरिक तरीके से समीक्षा करने के बजाय पहले मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति देखने का निर्णय लिया। जाखन पहुंचकर उन्होंने शिकायतकर्ता को साथ लिया और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने मोबाइल फोन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को वीडियो कॉल कर मौके की तस्वीरें और वास्तविक स्थिति दिखाई, ताकि किसी भी प्रकार की गलत जानकारी या कागजी औपचारिकता की गुंजाइश न रहे।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पाया कि अंडरग्राउंड किए जाने के बावजूद कई स्थानों पर बिजली की लाइनें ऊपर दिखाई दे रही हैं, जो आम नागरिकों के लिए खतरे का कारण बन सकती हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण एक ही काम बार-बार करना पड़ता है, जिससे जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है और सरकारी संसाधनों की भी बर्बादी होती है।
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य योजनाबद्ध तरीके से किए जाएं और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कार्य में खामी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय दुकानदारों और निवासियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी जानीं। लोगों ने फुटपाथ की खराब स्थिति और अधूरे कार्यों से हो रही दिक्कतों को साझा किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।
आगे की रणनीति पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रदेश भर में अपने दौरे के दौरान इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रखेंगे। उन्होंने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को निर्देश दिए कि जहां-जहां इस प्रकार की शिकायतें सामने आ रही हैं, उन्हें चिन्हित कर एक विशेष अभियान चलाकर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए।
पूरा घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि सरकार अब शिकायत निवारण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जहां केवल कागजी कार्रवाई के बजाय जमीनी हकीकत को प्राथमिकता दी जा रही है।
