देहरादून। उत्तराखंड के प्रमुख आस्था केंद्र श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस बार यात्रा को सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए राज्य सरकार ने विशेष रणनीति तैयार की है, जिसमें प्लास्टिक मुक्त व्यवस्था और “ग्रीन यात्रा” की अवधारणा को केंद्र में रखा गया है।
यात्रा व्यवस्थाओं की हकीकत जानने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं मैदान में उतरे और रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक सड़क मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-107 के विभिन्न हिस्सों का दौरा करते हुए संवेदनशील स्थानों, बाईपास, सुरंग निर्माण कार्यों और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान सड़क सुरक्षा और यात्रा सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क मरम्मत, सुरक्षा बैरियर, संकेतक बोर्ड और अन्य व्यवस्थाओं को यात्रा शुरू होने से पहले पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
गुप्तकाशी में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यात्रियों के साथ संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार अपनाने की हिदायत दी। उन्होंने निर्देशित किया कि हेलीपैड और प्रमुख पड़ावों पर यात्रियों के लिए शेड, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, खासकर उन क्षेत्रों में जो भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील हैं।
मुख्यमंत्री ने इस बार यात्रा को “प्लास्टिक मुक्त” बनाने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ आस्था का संतुलन बनाना समय की आवश्यकता है। साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं के बीच किसी प्रकार का भ्रम न फैले।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से “वोकल फॉर लोकल” अभियान के तहत स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादों को यात्रा से जोड़ने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे न केवल यात्रियों को स्थानीय उत्पाद मिलेंगे, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
इसके अतिरिक्त पैदल मार्गों पर रोशनी, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं की यात्रा सहज और सुरक्षित बन सके।
इस दौरान जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का भरोसा दिलाया।
