कोटद्वार/पौड़ी गढ़वाल/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद पौड़ी गढ़वाल के बिलखेत में आयोजित नयार वैली फेस्टिवल का भव्य शुभारंभ किया। नयार घाटी की मनोरम वादियों में आयोजित इस महोत्सव ने पर्यटन, परंपरा और विकास के समन्वित दृष्टिकोण को एक नई दिशा दी। मुख्यमंत्री ने इसे क्षेत्र की अपार प्राकृतिक, सांस्कृतिक और साहसिक संभावनाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की महत्वपूर्ण पहल बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने नयार घाटी में पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। इसके साथ ही विकासखंड पोखड़ा में रसलवाँण दीवा मंदिर, बीरोंखाल में कालिंका मंदिर, एकेश्वर में एकेश्वर महादेव मंदिर तथा पाबौ में चम्पेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन पहलों से धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की लाभार्थी करिश्मा और सलोनी को महालक्ष्मी किट प्रदान की गई, जबकि योगिता की गोदभराई की रस्म संपन्न कराई गई। समाज कल्याण विभाग के लाभार्थियों तुलसीदास और बीरेन्द्र को दिव्यांग उपकरण भी वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय नागरिकों, साइक्लिस्टों और एंगलरों से संवाद कर उनके अनुभव जाने और उन्हें प्रोत्साहित किया।
महोत्सव के दौरान पैराग्लाइडिंग, पैरामोटरिंग, हॉट एयर बैलून, माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, एंगलिंग, जिपलाइन, बर्मा ब्रिज और रिवर्स बंजी जैसी साहसिक गतिविधियों का फ्लैग ऑफ कर औपचारिक शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नयार वैली क्षेत्र साहसिक पर्यटन के लिए अत्यंत अनुकूल है और ऐसे आयोजनों से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने होली की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नयार घाटी सहित पूरा पौड़ी गढ़वाल प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण का अद्वितीय संगम है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है ताकि हर नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सड़क, बिजली, पेयजल, दूरसंचार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने जनपद में संचालित प्रमुख परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि श्रीनगर में 650 करोड़ रुपये की लागत से National Institute of Technology का निर्माण कार्य प्रगति पर है। खोह नदी को स्वच्छ बनाने के लिए 135 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। पौड़ी के गड़िया गांव में प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी का निर्माण, कोटद्वार में सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और मालन नदी पर पुल निर्माण कार्य जारी है।
उन्होंने बताया कि पौड़ी के ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट भवन को हेरिटेज स्वरूप संरक्षित किया जा रहा है तथा सतपुली में सिंचाई निरीक्षण भवन का निर्माण किया जा रहा है। कोटद्वार में खेल सुविधाओं का विस्तार, 50 बेड के आधुनिक चिकित्सालय का निर्माण, सीडीएस पार्क में विशाल तिरंगा, विज्ञान संग्रहालय, ट्राइडेंट पार्क, सतपुली झील, 20 करोड़ की लागत से माउंटेन म्यूजियम और तारामंडल जैसी परियोजनाएं भविष्य में पर्यटन और रोजगार के नए आयाम स्थापित करेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के माध्यम से प्रशासन को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे नागरिकों को प्रमाणपत्र और आवश्यक सेवाएं उनके घर तक उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प संतुलित और सतत विकास के साथ राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ बनाए रखना है।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश-विदेश में अग्रणी एडवेंचर पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है और नयार वैली फेस्टिवल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विधायक राजकुमार पोरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन पौड़ी को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।
बिलखेत में जिला प्रशासन द्वारा सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित इस कार्यक्रम में एक ही मंच पर दस अलग-अलग गतिविधियों का सफल संचालन किया गया। रोमांच, संस्कृति और जनसहभागिता से सजे इस महोत्सव ने न केवल दर्शकों में उत्साह जगाया, बल्कि प्रशासनिक समन्वय और व्यवस्थापन की उत्कृष्ट मिसाल भी प्रस्तुत की।
