देशभर में भीषण गर्मी के बाद बढ़ी तरबूज की मांग, दाम भी बढ़े लेकिन सोशल मीडिया से बाजार में डर

देशभर में भीषण गर्मी के बाद बढ़ी तरबूज की मांग, दाम भी बढ़े लेकिन सोशल मीडिया से बाजार में डर

VMTV NEWS। भीषण गर्मी के बीच तरबूज इस समय देश का सबसे ज्यादा बिकने वाला मौसमी फल बन गया है। शहरों की मंडियों, हाईवे किनारे लगे ठेलों और गांवों के बाजारों तक हर जगह तरबूज की भरमार दिखाई दे रही है। लेकिन इस बार सिर्फ बिक्री ही चर्चा में नहीं है। तरबूज को लेकर कई तरह की आशंकाएं, अफवाहें और सवाल भी तेजी से फैल रहे हैं। कहीं “इंजेक्शन वाले तरबूज” की बातें हो रही हैं, तो कहीं खराब फल खाने से लोगों के बीमार पड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। दूसरी ओर किसान इसे कमाई का बड़ा जरिया मान रहे हैं।

लगातार बढ़ती गर्मी ने बढ़ाई बिक्री

उत्तर भारत में लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव के चलते तरबूज की मांग तेजी से बढ़ी है। डॉक्टर भी लोगों को पानी से भरपूर फल खाने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे में तरबूज लोगों की पहली पसंद बन गया है। दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, भोपाल और पटना जैसे शहरों में शाम होते ही तरबूज के ठेलों पर भीड़ दिखाई दे रही है।

व्यापारियों का कहना है कि इस बार शुरुआती सीजन में बिक्री काफी अच्छी रही। कई जगह किसानों को अच्छे दाम भी मिले। हालांकि बाद में उत्पादन बढ़ने से कुछ मंडियों में कीमतों में गिरावट देखने को मिली।

सोशल मीडिया की खबरों ने बढ़ाई चिंता

पिछले कुछ हफ्तों में सोशल मीडिया पर तरबूज से जुड़े वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हुए। इनमें दावा किया गया कि कुछ लोग तरबूज को ज्यादा लाल और मीठा दिखाने के लिए उसमें रंग या केमिकल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी वजह से लोगों के बीच डर का माहौल भी बना।

हालांकि खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हर चमकदार लाल तरबूज मिलावटी नहीं होता। कई किस्मों में गूदा स्वाभाविक रूप से ज्यादा लाल होता है। लेकिन वायरल वीडियो के बाद ग्राहक अब पहले से ज्यादा सतर्क नजर आ रहे हैं। कई लोग फल खरीदने से पहले उसे कटवाकर देख रहे हैं।

बीमारियों की खबरों ने भी बढ़ाई चिंता

कुछ राज्यों में तरबूज खाने के बाद लोगों की तबीयत खराब होने की खबरें भी सामने आई हैं। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में खुले में कटे फल जल्दी खराब हो जाते हैं। ऐसे में बैक्टीरिया बढ़ने से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार कई बार समस्या फल में मिलावट से नहीं, बल्कि खराब तरीके से रखने और बेचने से होती है। इसलिए साफ-सफाई और ताजगी का ध्यान रखना जरूरी है।

किसानों के लिए मौका भी, चुनौती भी

तरबूज की बढ़ती मांग ने किसानों में उत्साह जरूर बढ़ाया है। गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में इस बार बड़े पैमाने पर खेती हुई है। कई किसान इसे कम समय में अच्छा मुनाफा देने वाली फसल मान रहे हैं।

लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं। डीजल, सिंचाई और परिवहन लागत बढ़ने से किसानों का खर्च बढ़ा है। ऊपर से अगर बाजार में अचानक आवक ज्यादा हो जाए तो दाम गिर जाते हैं, जिससे नुकसान का खतरा बना रहता है।

बाजार में ‘मीठा कारोबार’, लेकिन सतर्कता जरूरी

तरबूज इस समय गर्मी से राहत देने वाला सबसे लोकप्रिय फल बना हुआ है। लेकिन इसके साथ मिलावट और खराब गुणवत्ता को लेकर बढ़ती चर्चा ने लोगों को सावधान भी कर दिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सही जगह से खरीदा गया ताजा तरबूज स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन अफवाहों और लापरवाही दोनों से बचना जरूरी है।

आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने के साथ इसकी मांग भी बढ़ेगी। ऐसे में बाजार, प्रशासन और उपभोक्ताओं तीनों की जिम्मेदारी होगी कि लोगों तक सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता वाला फल पहुंचे।

तरबूज खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?

  • बहुत ज्यादा चमकीला लाल रंग हो तो सावधानी बरतें
  • कटे हुए फल खुले में न खरीदें
  • गंध या स्वाद असामान्य लगे तो सेवन न करें
  • साफ और भरोसेमंद दुकानदार से ही फल लें
  • लंबे समय तक धूप में रखा फल खरीदने से बचें

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