देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से संचालित कई नई जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। इसके साथ ही श्रमिकों को घर-घर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दो आधुनिक मेडिकल मोबाइल वैन को भी रवाना किया गया।
मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता केवल विकास कार्यों को गति देना नहीं, बल्कि उन श्रमिकों का जीवन भी बेहतर बनाना है, जिनके परिश्रम से प्रदेश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नई योजनाओं के जरिए श्रमिक परिवारों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
पोषण, पढ़ाई और स्वच्छता पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री पोषण योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने में सहायता दी जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री शिक्षा सामग्री योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा मुख्यमंत्री स्वच्छता सामग्री वितरण कार्यक्रम के तहत श्रमिक परिवारों को हाइजीन किट वितरित की जाएगी, ताकि स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
युवाओं को मिलेगा योग और वेलनेस का प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री योग एवं वेलनेस आरोग्य योजना शुरू की गई है। इसके तहत हर वर्ष 210 छात्र-छात्राओं को निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को रोजगार से जोड़ने की भी व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें स्वरोजगार और नौकरी के बेहतर अवसर मिल सकें।
मेडिकल मोबाइल वैन से गांव-गांव पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दो मेडिकल मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि इन वैन के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले निर्माण श्रमिकों को उनके कार्यस्थल और निवास स्थान पर ही स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा मिलेगी।
मोबाइल यूनिट में एक्स-रे, ईसीजी समेत 44 प्रकार की जांचें निशुल्क उपलब्ध रहेंगी। साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों से टेलीमेडिसिन के जरिए परामर्श भी मिलेगा। जांच के बाद तीन महीने तक मरीजों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी भी की जाएगी। इस सेवा की शुरुआत फिलहाल पौड़ी गढ़वाल और चंपावत जिलों से की गई है।
श्रमिक शक्ति ही उत्तराखंड की असली ताकत
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों को विकास प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानती है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा के लिए सरकार लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है, ताकि उनका जीवन अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बन सके।
उन्होंने बताया कि सरकार पहले से ही श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, महिला श्रमिकों को मातृत्व सहायता, बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहयोग और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का संचालन कर रही है।
आवास, औजार और पेंशन का भी लाभ मिलेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को स्वरोजगार के लिए औजार, साइकिल और सिलाई मशीन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही अपना घर बनाने या खरीदने के लिए आर्थिक सहायता और वृद्धावस्था में मासिक पेंशन की सुविधा भी दी जा रही है।
उन्होंने सभी पंजीकृत श्रमिकों से अपील की कि वे समय-समय पर अपने पंजीकरण का नवीनीकरण कराते रहें, ताकि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के सचिव पीसी दुम्का ने बोर्ड की उपलब्धियों और नई योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, राज्य सलाहकार संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत, सतर्कता समिति की अध्यक्ष गीता रावत, उपाध्यक्ष मोहनी पोखरिया, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द सिंह, सचिव श्रीधर बाबू अद्यांकी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
