देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को देश के प्रमुख धार्मिक शहर अयोध्या तक पहुंचाने और रुद्रपुर में खेल सुविधाओं का विस्तार करने की तैयारी तेज कर दी है। अयोध्याधाम में करीब 67.83 करोड़ रुपये से राज्य अतिथि गृह बनाने की योजना है। दूसरी ओर रुद्रपुर के मोदी मैदान में 2332.05 लाख रुपये की संशोधित लागत से आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा।
सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने राज्य सचिवालय में दोनों परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के डिजाइन, लागत, प्रस्तावित सुविधाओं और उपयोगिता की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता और तय मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
अतिथि गृह के हर तल पर दिखेगा अलग उत्तराखंड
अयोध्या में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह को सामान्य सरकारी भवन के बजाय उत्तराखंड की पहचान से जोड़कर विकसित किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए 6783.33 लाख रुपये का विस्तृत आगणन तैयार किया गया है। भवन में पारंपरिक पहाड़ी वास्तुशैली की झलक दिखाई देगी और आंतरिक सजावट भी उत्तराखंड की संस्कृति पर आधारित होगी।
अतिथि गृह के अलग-अलग तलों को अलग थीम देने की योजना है। इनमें ओम पर्वत, उत्तराखंड के ग्लेशियर, जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क और पंचाचूली पर्वत शिखर को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य यहां ठहरने वाले लोगों को प्रदेश की प्राकृतिक विविधता, धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है।
बारात घर का प्रस्ताव हटाया
परियोजना की मूल योजना में बारात घर भी शामिल था, लेकिन समीक्षा के दौरान इसे हटाने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों को भवन का स्वरूप और सुविधाएं राज्य अतिथि गृह के निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार करने को कहा गया है।
विभाग का प्रयास है कि अयोध्या में बनने वाला यह भवन लोगों को आवासीय सुविधा देने के साथ उत्तराखंड की ब्रांडिंग का भी माध्यम बने। इसके डिजाइन और निर्माण में आकर्षक स्वरूप, गुणवत्ता तथा व्यावहारिक उपयोगिता को प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में अपर सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी अभिषेक रुहेला, उप सचिव हनुमान प्रसाद तिवारी और उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम की निर्माण इकाई देहरादून के परियोजना प्रबंधक राकेश चंद्र तिवारी मौजूद रहे।
मोदी मैदान में एक साथ मिलेंगी कई खेल सुविधाएं
रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के मोदी मैदान में प्रस्तावित इंडोर एवं आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को खेलों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। परियोजना की पहले अनुमानित लागत 2374.56 लाख रुपये थी। इसमें बदलाव के बाद संशोधित लागत 2332.05 लाख रुपये तय की गई है।
इंडोर कॉम्प्लेक्स की शुरुआती योजना में स्क्वैश और बिलियर्ड्स की सुविधाएं प्रस्तावित थीं। संशोधित प्रस्ताव में इन दोनों खेलों को हटाकर जिम, टेबल टेनिस और बैडमिंटन को जगह दी गई है।
आउटडोर परिसर में वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, फुटबॉल, पिकलबॉल और टेनिस की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त करीब एक किलोमीटर लंबा साइकिलिंग रूट और ट्रैक पाथ बनाया जाएगा। खिलाड़ियों और परिसर में आने वाले लोगों के लिए टॉयलेट तथा चेंजिंग रूम की पर्याप्त व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
बाउंड्रीवाल की जगह लगेगी लोहे की ग्रिल
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की लागत कम करने के लिए निर्माण योजना में कुछ व्यावहारिक बदलाव किए गए हैं। बाउंड्रीवाल की ऊंचाई घटाकर उसके ऊपर लोहे की ग्रिल लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस बदलाव से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए निर्माण लागत को कम किया जा सकेगा।
तकनीकी सलाहकार समिति और नियोजन विभाग ने परियोजना के आगणन का परीक्षण किया था। इसके बाद 14 अगस्त 2026 को हुई विभागीय व्यय समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के आधार पर प्रस्ताव संशोधित किया गया।
कार्यदायी संस्था उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम, उधमसिंहनगर ने संशोधित आगणन समिति के सामने रखा। विभागीय व्यय समिति ने इस पर सैद्धांतिक सहमति देते हुए प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए व्यय वित्त समिति के समक्ष रखने का निर्णय लिया है।
समय और गुणवत्ता का ध्यान रखने के निर्देश
डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों से कहा कि विकास परियोजनाएं केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनका निर्माण ऐसा होना चाहिए जो आकर्षक दिखने के साथ लोगों के लिए उपयोगी भी साबित हो।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुसार परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और जनोपयोगी बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। अयोध्या का अतिथि गृह प्रदेश की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करेगा, जबकि रुद्रपुर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
