नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर सोमवार और मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया है। यह फैसला पेपर लीक और बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद लिया गया। परीक्षा रद्द होने से देशभर के लाखों अभ्यर्थियों और अभिभावकों में भारी नाराज़गी और असमंजस की स्थिति बन गई है।
मामले की शुरुआत राजस्थान में सामने आए एक तथाकथित “गेस पेपर” से हुई। जांच एजेंसियों को ऐसे दस्तावेज मिले जिनमें बताए गए सवालों और वास्तविक NEET-UG प्रश्नपत्र के बीच 100 से अधिक सवालों की समानता मिलने का दावा किया गया। इसके बाद राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जांच शुरू की। जांच का दायरा बढ़ने पर कई राज्यों में पूछताछ और छापेमारी की खबरें सामने आईं।
NTA ने कहा कि उसे 7 मई के आसपास परीक्षा में “मैलप्रैक्टिस” और संभावित पेपर लीक से जुड़े इनपुट मिले थे। एजेंसी ने मामले को केंद्रीय एजेंसियों के पास भेजा और बाद में परीक्षा निरस्त करने का फैसला लिया। केंद्र सरकार ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की है।
इस फैसले के बाद दिल्ली सहित कई शहरों में छात्रों का प्रदर्शन शुरू हो गया। दिल्ली में शास्त्री भवन के बाहर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी और छात्र संगठनों के कार्यकर्ता जुटे। प्रदर्शनकारियों ने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की। कई जगह पुलिस बल भी तैनात करना पड़ा।
सोशल मीडिया पर भी पूरे दिन NEET और NTA ट्रेंड करते रहे। कई शिक्षकों, कोचिंग विशेषज्ञों और सार्वजनिक हस्तियों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर चिंता जताई। शिक्षक और यूट्यूबर खान सर ने भी NTA पर तीखी टिप्पणी करते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग की।
यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों से NTA की परीक्षाएं लगातार विवादों में रही हैं। इससे पहले NEET-UG 2024 भी पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। हालांकि उस समय सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उपलब्ध डेटा “सिस्टमेटिक लीक” साबित नहीं करता और परीक्षा रद्द नहीं की गई थी।
अब NEET-UG 2026 के रद्द होने के बाद लाखों छात्रों के सामने सबसे बड़ा सवाल नई परीक्षा तिथि को लेकर है। NTA ने कहा है कि नई परीक्षा की तारीख जल्द घोषित की जाएगी। साथ ही एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्रों से जुड़ी जानकारी भी बाद में जारी की जाएगी। फिलहाल काउंसलिंग प्रक्रिया भी अनिश्चितता में पड़ गई है।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं ने अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर किया है। ऐसे में अब सबकी निगाहें जांच एजेंसियों, केंद्र सरकार और NTA की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
