Category: ब्लॉग

खेलों से क्यों खफा मीडिया ?

राजेन्द्र सजवान दिन-रात नेताओं, सांसदों और दलगत राजनीति का भोंपू बजाने वाले टीवी चैनल, समाचार पत्रों और सोशल मीडिया को क्रिकेट के अलावा कोई दूसरा खेल और खिलाड़ी क्यों नजर नहीं आते?अपने खिलाडिय़ों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। खिलाडिय़ों को प्रोत्साहन नहीं मिलेगा और उनकी उपलब्धियों का बखान नहीं किया जाएगा, तो […]

ट्रंप क्या चुनाव भी लड़ पाएंगे?

श्रुति व्यास क्या कॉलोराडो के फैसले से डोनाल्ड ट्रंप की व्हाईट हाऊस की राह कठिन हो गई है? एक घटनाक्रम में, जो चौंकाने वाला है भी और नहीं भी, कॉलोराडो ने अपने सर्वोच्च न्यायालय के ज़रिये डोनाल्ड ट्रंप के राज्य में अगले वर्ष का राष्ट्रपति चुनाव लडऩे पर प्रतिबंध लगयाहै। राज्य के सर्वोच्च न्यायाधीशों का […]

बेरोजगारी का गंभीर मसला

संसद की सुरक्षा चूक के मामले में बहस का दायरा बढ़ गया है। कानून तोडऩे वालों को अपने किए की सजा मिलनी चाहिए, लेकिन साथ ही उस मसले का हल भी जरूर ढूंढा जाना चाहिए, जो आगे चल कर देश में सामाजिक अस्थिरता का कारण बन सकती है। यह निर्विवाद है कि संसद की सुरक्षा […]

कांग्रेस हमेशा गलत क्यों?

हरिशंकर व्यास उत्तर भारत में बुरी हार के बावजूद राहुल गांधी से लेकर कमलनाथ, भूपेश बघेल, अशोक गहलोत आदि सभी अभी भी नादानी में हैं। जैसे राजस्थान को लेकर यह सोचना कि भाजपा ने सांप्रदायिक राजनीति की, राहुल गांधी-प्रियंका ने मेहनत कम की तो हार गए। कांग्रेस को ध्यान ही नहीं कि भाजपा गलत उम्मीदवारों, […]

विपक्ष को सीट बंटवारे से आगे देखना होगा

अजीत द्विवेदी तीन महीने से कुछ ज्यादा अरसे के बाद एक बार फिर विपक्षी पार्टियों के नेताओं की बैठक होने वाली है। बड़े राजनीतिक उथल-पुथल वाले घटनाक्रम के बाद विपक्ष की यह बैठक हो रही है। आखिरी बैठक 31 अगस्त और एक सितंबर को मुंबई में हुई थी और उसके बाद 13 सितंबर को विपक्षी […]

कांग्रेस का क्राउड-फंडिंग

भाजपा से असहमत लोग विकल्प के तौर पर कांग्रेस को नहीं, बल्कि इंडिया गठबंधन को देख रहे हैँ। ऐसे में इस गठबंधन की तरफ से चंदा उगाहने की मुहिम छेड़ी जाती, तो उसका न सिर्फ प्रतीकात्मक प्रभाव होता, बल्कि कुछ सियासी असर भी हो सकता था। कांग्रेस ने अब सीधे जनता से चंदा उगाहने का […]

अब यूपी में सक्रिय होंगे नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के नेता उत्तर प्रदेश को लेकर अक्सर कोई न कोई योजना बनाते रहते हैं। कई बार जदयू ने यूपी में विस्तार करने की योजना बनाई। पार्टी के प्रधान महासचिव केसी त्यागी इसकी कोशिश में रहे तो जब आरसीपी सिंह पार्टी के अध्यक्ष थे तब उन्होंने भी प्रयास […]

इतिहास के निष्ठुर पन्ने और अभागे राहुल

पंकज शर्मा अगर राहुल यह लक्ष्य आभासी-संसार में विचर रहे भोंदू-भोंपुओं, आंकड़ों की बाजीगरी कर रहे भाड़े के महंगे टट्टुओं और कागज़़ी कारकूनी के अखिल भारतीय करतब में मशगूल बांसुरी वादकों के भरोसे करना चाहते हैं तो प्रभु उन की रक्षा करें! इसलिए कि उन की राजनीतिक रक्षा में आगे की पूरी पीढ़ी के सियासी […]

भाजपा के फैसलों पर जाति गणना का असर

अजीत द्विवेदी नरेंद्र मोदी की कमान वाली भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस की राजनीति का एक बुनियादी फर्क यह है कि भाजपा जमीनी वास्तविकताओं को समझते हुए सोशल इंजीनियरिंग करती है, जबकि कांग्रेस इस मामले में आदर्शवादी बातें ज्यादा करती है, जैसे इन दिनों राहुल गांधी करते फिर रहे हैं। भाजपा को एक बार भी […]

पर पेट्रोल, कोयला ईधन क्या खत्म होगा?

श्रुति व्यास सीओपी28 जलवायु सम्मेलन में एक समझौता मंजूर हुआ  है। इसमें दुनिया को तेल, गैस और कोयले जैसे फॉसिल फ्यूल से दूर रहने का स्पष्ट आव्हान है। समझौते के समर्थकों का दावा है कि इससे पहली बार देश फॉसिल फ्यूल्स का उपयोग बंद करेंगे ताकि जलवायु परिवर्तन के भयावह नतीजों से पृथ्वी बच सके। […]

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