Category: ब्लॉग

भारत की बढ़ती चुनौतियां

निज्जर- पन्नूं मामलों में भारत के खिलाफ माहौल कनाडा और अमेरिका की सरकारों ने बनाया है। चुनौती उन सरकारों के सामने उनकी धारणाओं को गलत साबित करने की है। वरना, इससे संबंधित खबरें हर कुछ अंतराल पर मीडिया में आती रहेंगी और मुद्दा गरमाया रहेगा। खालिस्तानी उग्रवादी गुरपतवंत सिंह पन्नूं के मामले में एक अमेरिकी […]

विपक्ष के गठबंधन की राह आसान हुई

अजीत द्विवेदी पिछले कुछ दिनों में एक के बाद एक ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनकी वजह से विपक्षी पार्टियों की या विपक्ष के बड़े नेताओं की नकारात्मक छवि बनी। विपक्षी पार्टियों और नेताओं का मजाक बना और ऐसा लगा कि यह विपक्ष क्या नरेंद्र मोदी की भाजपा से लड़ पाएगा! लेकिन ये घटनाएं ही विपक्षी […]

व्लादीमीर पुतिन की चालें

रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। कहा कि मोदी एक ऐसे मजबूत नेता हैं, जिनके बारे में यह सोचना कठिन है कि वे किसी से डरेंगे। उन्होंने जोड़ा कि मोदी एक ऐसे नेता हैं, जो अपने राष्ट्र हित पर कभी समझौता नहीं कर सकते। कूटनीति विशेषज्ञों ने इस […]

अमेरिका सचमुच गंभीर है

साफ है कि अमेरिका पन्नूं मामले की तह तक जाने को लेकर अडिग है। भारत भी इस मामले में अमेरिका को संभवत: वैसी चुनौती नहीं देना चाहता, जैसा उसने कनाडा के मामले किया था। ऐसे में अब सब कुछ भारतीय जांच की रिपोर्ट पर निर्भर है। खालिस्तानी कार्यकर्ता गुरपतवंत सिंह पन्नूं की हत्या की कथित […]

क्यों बेलगाम हैं अपराध?

यह सिर्फ अवधारणा नियंत्रण की भाजपा की ताकत है, जिस कारण उलटी हकीकत के बावजूद इस पार्टी की सरकारें बेहतर कानून-व्यवस्था के दावे को अपना कथित यूएसपी बनाए रख पाती हैँ। वरना, हकीकत बिल्कुल ऐसे दावों के विपरीत है। हत्या, लूट, बलात्कार, साइबर क्राइम- इन सभी अपराधों में लगातार इजाफा होने का सिलसिला थम नहीं […]

ब्रिटेन- कुऑ और खाई

श्रुति व्यास उनके अपने देश में कल का कोई ठिकाना न था। इसलिए वे एक बेगाने देश में गए। लेकिन वहां भी उनका कोई ठिकाना नहीं है। अमेरिका, यूरोप या ब्रिटेन में शरण चाहने वाले लगभग सभी लोगों की कमोबेश यही कहानी है। ब्रिटेन में यह अनिश्चितता और ज्यादा कष्टपूर्ण बन गई है। ऋषि सुनक […]

ईवीएम का विवादित मसला

अगर ईवीएम अविश्वसनीय हैं, तो फिर कांग्रेस या संपूर्ण विपक्ष को इस मुद्दे को एक संगठित ढंग से उठाना चाहिए। साथ ही इन दलों को यह कहना चाहिए कि वे चुनाव में भाग तभी लेंगे, जब इन्हें विश्वसनीय विधि से कराया जाएगा। मध्य प्रदेश में कांग्रेस को दो बड़े नेताओं- दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने […]

यूक्रेन- आल इज नॉट वेल

श्रुति व्यास आल इज नॉट वेल। दिसंबर जऱा भी खुशनुमा नहीं है। हवा में उदासी और निराशा घुली हुई है। सन् 2023, इतिहास बनने वाला है। दुनिया झमेलों में उलझी हुई है। कई देश मुसीबतों से जूझ रहे हैं। हमें बताया जा रहा है कि लोकतंत्र का भविष्य अंधकारमय है। अर्थव्यवस्थाएं थपेड़े खा रही हैं। […]

विपक्ष के लिए विचारणीय

बेशक, आज भाजपा के पास अकूत संसाधन हैं। लेकिन उसकी जीत का सिर्फ यही कारण नहीं है। बल्कि वह अपनी हिंदुत्व की राजनीति के पक्ष में इतनी ठोस गोलबंदी कर चुकी है कि चुनावों में उसे परास्त करना अति कठिन हो गया है। चार राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों का केंद्रीय संदेश यह है […]

कांग्रेस का आत्मघाती कार्ड

समय के चक्र को पीछे लौटा कर सियासी चमत्कार कर दिखाने की सोच असल में समझ के दिवालियेपन का संकेत देती है। इस प्रयास में कांग्रेस ने सबकी पार्टी होने की अपनी विशिष्ट पहचान को संदिग्ध बना दिया है। चूंकि विचारधारा और जन-गोलबंदी के मोर्चों पर कांग्रेस नेतृत्व दीर्घकालिक रणनीति के जरिए राजनीति की नई […]

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