देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर आक्रामक होता दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, बोल्डर गिरने, अचानक जलस्तर बढ़ने और नदियों-नालों के उफान पर आने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य सरकार ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को अलर्ट मोड पर ला दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, देहरादून, टिहरी, नैनीताल और चंपावत जिलों में स्कूलों में छुट्टी की गई है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मौसम विभाग की प्रत्येक चेतावनी को गंभीरता से लिया जाए और जनहानि रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हो। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने, भूस्खलन संभावित स्थानों पर विशेष नजर रखने तथा सड़क, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने को कहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि एसडीआरएफ, पुलिस और अन्य राहत एजेंसियां पूरी तरह तैयार रहें तथा आवश्यकता पड़ने पर बिना किसी देरी के राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जाए।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए कई जिलों के जिलाधिकारियों ने एहतियात के तौर पर स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। प्राथमिक से लेकर इंटरमीडिएट स्तर तक के विद्यालयों के साथ कई स्थानों पर आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। विभिन्न जिलों में अवकाश संबंधी आदेश स्थानीय मौसम की स्थिति और आईएमडी के अलर्ट के आधार पर जारी किए गए हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने भी सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे संचालित रहें और किसी भी आपात स्थिति में राहत दल तत्काल मौके पर पहुंच सकें। पर्वतीय मार्गों पर जेसीबी मशीनों और अन्य आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भूस्खलन की स्थिति में बंद सड़कें जल्द खोली जा सकें। साथ ही, बिजली और पेयजल सेवाओं में व्यवधान आने पर संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे नहीं जाने, मौसम खराब होने पर पहाड़ी मार्गों पर यात्रा टालने तथा जिला प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सलाह का पालन करने को कहा गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी को ही मानें।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जिलों से नियमित रिपोर्ट ली जा रही है। यदि कहीं भी हालात बिगड़ते हैं तो अतिरिक्त राहत एवं बचाव संसाधन तत्काल उपलब्ध कराए जाएंगे। मौसम विभाग ने भी लोगों से अगले 24 से 48 घंटे विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है, क्योंकि कई स्थानों पर तेज बारिश के दौर के साथ भूस्खलन और जलभराव जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
