टिहरी में सड़क हादसा, कुंजापुरी मंदिर से लौट रहे श्रद्धालुओं की बस खाई में गिरी, पांच की मौत, 23 घायल

टिहरी में सड़क हादसा, कुंजापुरी मंदिर से लौट रहे श्रद्धालुओं की बस खाई में गिरी, पांच की मौत, 23 घायल

टिहरी गढ़वाल/देहरादून। उत्तराखंड के टिहरी जनपद में सोमवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा (Road Accident) हो गया। कुंजापुरी मंदिर के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 23 से अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुर्घटना के मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा नरेंद्रनगर के समीप कुंजापुरी–हिंदोलाखाल मार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस (नंबर UK07PA 1769) सुबह लगभग साढ़े नौ बजे मंदिर से नीचे की ओर लौट रही थी। एक तीखे मोड़ पर चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और बस करीब 70 मीटर गहरी खाई में जा समाई। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, पुलिस और SDRF की टीमें तत्काल राहत व बचाव कार्य में जुट गईं।

पहाड़ियों में फैली घनी झाड़ियों और खड़ी ढलान के कारण घायलों तक पहुंचने में टीमों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बस में सवार अधिकांश यात्री गुजरात और दिल्ली से आए श्रद्धालु बताए जा रहे हैं, जो एक धार्मिक यात्रा के हिस्से के रूप में कुंजापुरी मंदिर पहुंचे थे।

अधिकृत सूत्रों ने पांच यात्रियों की मौत की पुष्टि की है, हालांकि मृतकों की पहचान अभी जारी है और प्रशासन ने परिजनों से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घायलों को नरेंद्रनगर और ऋषिकेश के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसे की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने पर्वतीय मार्गों पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग उठाई है। वहीं पुलिस ने कहा है कि वाहन की तकनीकी स्थिति, चालक की स्थिति और सड़क की परिस्थितियों की जांच की जा रही है, ताकि दुर्घटना के असली कारणों का पता लगाया जा सके।

उत्तराखंड के संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर लगातार बढ़ रहे यातायात के बीच यह हादसा फिर एक बार चेतावनी है कि तीर्थ और पर्यटन सीजन के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कितना जरूरी है।

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