UTTARAKHAND CABINET DECISION: वन्य जीवों के हमले में मौत पर 10 लाख मुआवजा देगी सरकार

UTTARAKHAND CABINET DECISION: वन्य जीवों के हमले में मौत पर 10 लाख मुआवजा देगी सरकार

देहरादून। प्रदेश में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब जंगली जानवरों के हमले में जान गंवाने वालों के परिजनों को छह के बजाय 10 लाख रुपये की मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मुआवजा राशि में चार लाख रुपये की बढ़ोत्तरी करने के प्रस्ताव पर मोहर लगी। इसके अलावा भी कैबिनेट ने कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अपनी सहमति दी। बैठक में पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ राज्य आन्दोलनकारी दिवाकर भट्ट के निधन पर शोक भी व्यक्त किया गया।

विधानसभा में रखेंगे जैव विविधता बोर्ड और यूजेवीएन की रिपोर्ट

पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट को राज्य विधानमंडल के पटल पर रखने की स्वीकृति दी गई। इसी क्रम में ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव के तहत उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएन लि.) के वर्ष 2022-23 के वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन को भी आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। यह रिपोर्टें संबंधित अधिनियमों के प्रावधानों के अनुपालन में सदन के सामने रखी जाएंगी।

अभियोजन विभाग के ढाँचे में बड़ा बदलाव, 46 नए पद सृजित

राज्य गठन के बाद अभियोजन संवर्ग में 142 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 91 सहायक अभियोजन अधिकारियों के पद ही सृजित थे। मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने प्रथम चरण में देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और नैनीताल जिलों में सहायक अभियोजन अधिकारी के 46 नए पद बनाने को मंजूरी दी। इससे न्यायालयों में वादों की पैरवी और अधिक सक्षम एवं समयबद्ध हो सकेगी।

मानचित्र स्वीकृति अनिवार्यता की समीक्षा का फैसला

आवास विभाग के प्रस्ताव पर प्राधिकरण क्षेत्र के भीतर मानचित्र स्वीकृति की अनिवार्यता को लेकर उठे मुद्दों पर कैबिनेट ने पुनः परीक्षण का निर्णय लिया। विभाग अब संपूर्ण प्रक्रिया का दोबारा अध्ययन करेगा, जिसके आधार पर आगे की नीति स्पष्ट होगी।

रात में भी काम कर सकेंगी महिला कार्मिक

राज्य सरकार ने दुकानों और प्रतिष्ठानों में महिला कर्मकारों को रात्रि पाली में कार्य की सशर्त छूट प्रदान की है। इसके लिए नियोक्ता को पूर्व लिखित सहमति लेना अनिवार्य होगा और सुरक्षा के पर्याप्त प्रावधान सुनिश्चित करने होंगे। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं को अधिक रोजगार अवसर मिलेंगे और आर्थिक सशक्तिकरण के साथ लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलेगा।

दुकान एवं स्थापना अधिनियम में संशोधन को मंजूरी

उत्तराखंड दुकान और स्थापना (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) (संशोधन) अध्यादेश 2025 को मंत्रिमंडल की सहमति मिली। संशोधन के बाद छोटे प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा, जबकि बड़े प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मकारों को कानून के तहत सभी लाभ प्राप्त होंगे। सरकार का कहना है कि इससे निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, कार्य समय में लचीलापन बढ़ेगा, प्रशासनिक बोझ घटेगा और कर्मकारों को अधिक काम व आय के अवसर प्राप्त होंगे।

देहरादून मेट्रो नियो परियोजना पर केंद्र के सुझाव कैबिनेट में पेश

उत्तराखंड मेट्रो रेल, शहरी अवस्थापना एवं भवन निर्माण निगम की 34वीं बोर्ड बैठक में पारित प्रस्ताव के क्रम में देहरादून में प्रस्तावित मेट्रो नियो परियोजना पर भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा दिए गए सुझावों से मंत्रिमंडल को अवगत कराया गया। परियोजना के अगले चरण के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करने हेतु यह प्रस्तुति दी गई।

मानव–वन्यजीव संघर्ष में मृत्यु पर मुआवजा बढ़ाकर 10 लाख

मानव–वन्यजीव संघर्ष राहत वितरण नियमावली 2025 को कैबिनेट ने मंजूरी देते हुए मृत्यु के मामलों में अनुग्रह राशि 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी है। टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन फॉर सीटीआर की बैठक में लिए गए निर्णय और मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप यह संशोधन किया गया। सरकार ने इसे मानवीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया कदम बताया है।

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