बदरीनाथ/चमोली। उत्तराखंड के पवित्र हिमालयी क्षेत्र में स्थित बदरीनाथ धाम के कपाट आज विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। तड़के सुबह तय मुहूर्त में मुख्य पुजारी और धर्माधिकारी की मौजूदगी में मंदिर के द्वार खोले गए, जिसके साथ ही चारधाम यात्रा का औपचारिक आगाज़ हो गया।
कपाट खुलने के अवसर पर मंदिर परिसर को विशेष रूप से फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया था। जैसे ही द्वार खुले, “जय बदरी विशाल” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। पहले दर्शन के लिए बड़ी संख्या में देश-विदेश से आए श्रद्धालु मौजूद रहे। प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष यात्रा को लेकर पहले से ही रिकॉर्ड पंजीकरण देखने को मिल रहा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शीतकाल के दौरान मंदिर के कपाट बंद रहते हैं और भगवान बदरीविशाल की पूजा जोशीमठ में की जाती है। ग्रीष्मकाल के आगमन के साथ हर साल शुभ तिथि पर कपाट खोले जाते हैं, जिससे लाखों श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलता है।
उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन ने यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए रास्तों पर विश्राम स्थल, चिकित्सा शिविर और हेल्पडेस्क भी स्थापित किए गए हैं।
मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में बदलते मौसम को देखते हुए यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पंजीकरण कराकर ही यात्रा करें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें।
चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ावों में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ शामिल हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु इस आध्यात्मिक यात्रा में भाग लेते हैं, जिससे क्षेत्र की धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।
