थराली/चमोली। चमोली जिले के थराली क्षेत्र में करीब चार महीने पहले संदिग्ध परिस्थितियों में हुई 30 वर्षीय दीपक गिरी की मौत अब भी सवालों के घेरे में है। मई में हुई घटना के बाद कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन परिजनों का कहना है कि उन्हें अब तक उन सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं मिले हैं, जो दीपक की मौत के बाद से परिवार को परेशान कर रहे हैं। अब मृतक की मां और भाई ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से फिर गुहार लगाते हुए मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
परिवार ने पुलिस अधीक्षक चमोली को लिखित शिकायत भेजकर दीपक की मौत की परिस्थितियों की नए सिरे से जांच कराने की मांग की है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि घटना से जुड़े लोगों से विस्तार से पूछताछ हो और जांच में किसी अपराध की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
8 मई को साथियों के साथ निकला था दीपक
परिजनों के अनुसार, 8 मई 2026 को दीपक गिरी अपने कुछ साथियों के साथ वाहन से देवलकोट क्षेत्र की ओर गया था। रास्ते में उसने फोन पर परिवार से बातचीत भी की थी। उसने बताया था कि वह अपने साथियों के साथ एक बारात में जा रहा है और बाद में घर लौट आएगा।
परिवार को उस समय शायद अंदाजा भी नहीं था कि दीपक की यह यात्रा कई ऐसे सवाल छोड़ जाएगी, जिनके जवाब वे महीनों बाद भी तलाश रहे हैं।
रात गुजरती गई, लेकिन दीपक घर नहीं लौटा। अगले दिन सुबह परिजनों को सूचना मिली कि देवलकोट क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। सूचना मिलते ही परिवार मौके पर पहुंचा, जहां दीपक मृत अवस्था में मिला।
शरीर पर चोट के निशान होने का परिजनों का दावा
परिवार का दावा है कि दीपक के शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। इसी आधार पर परिजन शुरू से उसकी मौत को सामान्य घटना मानने को तैयार नहीं हैं और पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच चाहते हैं।
परिजनों का सवाल है कि घर लौटने की बात कहकर साथियों के साथ निकले दीपक के साथ उस रात आखिर क्या हुआ? वह किन परिस्थितियों में मृत मिला और मौत से पहले उसके साथ क्या घटनाक्रम हुआ? परिवार चाहता है कि जांच में इन सभी सवालों का स्पष्ट जवाब सामने आए।
हालांकि, शरीर पर चोट के निशान और हत्या की आशंका परिजनों के आरोप हैं। उपलब्ध जानकारी में ऐसा कोई पुलिस निष्कर्ष सामने नहीं आया है, जिससे हत्या की पुष्टि हुई हो।
कई महीने बाद फिर पुलिस अधिकारियों के दरवाजे पर परिवार
परिजनों की सबसे बड़ी नाराजगी मामले की जांच को लेकर है। उनका आरोप है कि स्थानीय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। घटना को चार महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी परिवार को ऐसा कोई नतीजा नहीं मिला है जिससे दीपक की मौत को लेकर उनके संदेह दूर हो सकें।
इसी कारण मृतक की मां और भाई ने अब पुलिस के उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। पुलिस अधीक्षक को भेजी शिकायत में पूरे घटनाक्रम की दोबारा जांच, उस रात दीपक के साथ मौजूद लोगों से पूछताछ और उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों की पड़ताल की मांग की गई है।
परिवार का कहना है कि यदि जांच में हत्या या किसी अन्य अपराध के तथ्य सामने आते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस बोली- उच्च स्तर से हो चुकी है जांच
दूसरी ओर पुलिस का पक्ष परिजनों के आरोपों से अलग है। इस संबंध में दूरभाष पर हुई बातचीत में थराली थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया ने बताया कि मामले की जांच कर्णप्रयाग के पुलिस उच्चाधिकारियों के स्तर से की जा चुकी है और जांच रिपोर्ट भी आ गई है। उनके मुताबिक जांच के संबंध में परिजनों को भी जानकारी दी गई है।
हालांकि परिजनों की दोबारा जांच और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग से साफ है कि वे अब भी मौजूदा जांच से संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे में यह मामला एक बार फिर पुलिस के उच्चाधिकारियों तक पहुंच गया है। अब देखना होगा कि पुलिस अधीक्षक को भेजी गई शिकायत पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है और क्या मामले में किसी नए सिरे से जांच की जरूरत समझी जाती है।
