नरेंद्रनगर। सिद्धपीठ श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेला अपने 50वें संस्करण के साथ रविवार को शुरू हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण कर नौ दिवसीय आयोजन का उद्घाटन किया। स्वर्ण जयंती समारोह में लोक संस्कृति और पौराणिक प्रसंगों पर आधारित झांकियां प्रस्तुत की गईं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर टिहरी में पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख किया।
शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन आयोजित उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने मां कुंजापुरी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने शहीद स्थल पर अमर शहीदों की प्रतिमाओं और स्वतंत्रता संग्राम शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया।
झील क्षेत्र में पर्यटन से रोजगार बढ़ाने की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील और उसके आसपास पर्यटन गतिविधियों के विस्तार पर काम किया जा रहा है। झील के चारों ओर रिंग रोड और पर्यटन मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। जलक्रीड़ा, साहसिक पर्यटन तथा होमस्टे को प्रोत्साहित कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।
नरेंद्रनगर की परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने राजकीय पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, केंद्रीय विद्यालय, विधि महाविद्यालय और सभागार निर्माण की बात कही। गजा अस्पताल के उच्चीकरण और लगभग 50 करोड़ रुपये की सीवर लाइन परियोजना का भी उल्लेख किया। धामी ने कहा कि क्षेत्र में पर्यटन के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
संस्कृति, व्यापार और स्थानीय प्रतिभाओं को एक मंच
मेले की स्वर्ण जयंती पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की आस्था, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मेलों से नई पीढ़ी अपनी विरासत को समझती है और स्थानीय व्यापार तथा पर्यटन को भी लाभ मिलता है। उन्होंने संस्थापक सुरेंद्र सिंह पांगती और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की।
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्याओं को मां भगवती का स्वरूप माना जाता है।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कुंजापुरी मेला लोक संस्कृति के संरक्षण के साथ खिलाड़ियों और स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर देता है। उन्होंने पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, विधि महाविद्यालय के लिए बजट और पदों के सृजन तथा सीवर लाइन सहित विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर जोर
धामी ने कहा कि पलायन रोकने के लिए युवाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। ‘एक जनपद-दो उत्पाद’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से राज्य के उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड की बिक्री छह करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, होमस्टे, पर्यटन एवं फिल्म नीति और ‘वेड इन उत्तराखंड’ को स्वरोजगार बढ़ाने वाली पहल बताया। उनके अनुसार, प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
केदारखंड और मानसखंड के मंदिरों में बढ़ेंगी सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास से विरासत के संरक्षण के साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या के राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम तथा केदारनाथ-बदरीनाथ धाम में हुए और चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख किया। धामी ने कहा कि राज्य सरकार केदारखंड और मानसखंड के प्रमुख मंदिरों में सुविधाओं का विस्तार करने के लिए काम कर रही है।
भूमि और सरकारी नियुक्तियों पर रखे आंकड़े
प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता, सशक्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून और नकल विरोधी कानून का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि राज्य में 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई है। ऑपरेशन कालनेमि और अवैध मदरसों के विरुद्ध कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं से 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दिए जाने की बात कही।
झांकियों में दिखी आस्था और लोक परंपराओं की विविधता
उद्घाटन समारोह की झांकियों में विद्यार्थियों और सांस्कृतिक दलों ने छोलिया नृत्य तथा गाडू घड़ा यानी तेल कलश की परंपरा प्रस्तुत की। महिषासुर मर्दिनी, प्रह्लाद की भक्ति पर आधारित नरसिंह अवतार और मां कुंजापुरी से जुड़े प्रसंग भी प्रदर्शित किए गए। भारत की गौरवशाली बेटियों तथा बदलते और बढ़ते नरेंद्रनगर पर आधारित झांकियां भी निकाली गईं।
मेले के संस्थापक सुरेंद्र सिंह पांगती ने आयोजन की यात्रा से जुड़े अनुभव साझा किए। नगर पालिका परिषद नरेंद्रनगर के अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम पंवार ने स्वर्ण जयंती की शुभकामनाएं दीं।
नौ दिन लोक संगीत, खेल और प्रतियोगिताओं का आयोजन
11 से 19 अक्टूबर तक चलने वाले राज्यस्तरीय मेले में खेलकूद और विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओं के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। पद्मश्री डॉ. बसंती बिष्ट, नरेंद्र सिंह नेगी, मीना राणा, संगीता ढौंडियाल, किशन महिपाल, पांडवाज बैंड और अन्य कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। अंतिम दिन पद्मश्री प्रीतम भरतवाण के जागर गायन के साथ मेले का समापन होगा।
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर दीक्षा राणा, नगर पंचायत अध्यक्ष तपोवन विनीता बिष्ट, ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान, नगर पंचायत अध्यक्ष गजा कुंवर सिंह चौहान और भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत मौजूद रहे। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल तथा अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी उपस्थित थे।


