उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026ः 19 को गंगोत्री व यमुनोत्री, 22 को बदरीनाथ और 23 को केदारनाथ के कपाट खुलेंगे

उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026ः 19 को गंगोत्री व यमुनोत्री, 22 को बदरीनाथ और 23 को केदारनाथ के कपाट खुलेंगे

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में आस्था और श्रद्धा के महापर्व चारधाम यात्रा 2026 को लेकर बड़ा और शुभ समाचार सामने आया है। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ, चारों धामों के कपाट खुलने की तिथियाँ परंपरागत धार्मिक विधि-विधान और पंचांग के अनुसार घोषित कर दी गई हैं। खास बात यह है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा पिछले साल की तुलना में पहले आरंभ हो रही है, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।

चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत अक्षय तृतीया, 19 अप्रैल 2026 से मानी जाएगी। इसी दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके बाद केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट निर्धारित तिथियों पर विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे।

19 को खुलेंगे गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट

गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर खोले जाएंगे। इसी दिन मां यमुना के धाम यमुनोत्री के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। भगवान शिव के पवित्र धाम केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल 2026 को शुभ मुहूर्त में खोले जाने का निर्णय लिया गया है। वहीं, चारधाम यात्रा के अंतिम और प्रमुख धाम बदरीनाथ के कपाट 23 अप्रैल 2026 की सुबह लगभग 6:15 बजे विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ खोले जाएंगे।

 परंपरा और पंचांग के अनुसार तय होती हैं तिथियाँ

चारधाम के कपाट खुलने की तिथियाँ हर वर्ष मंदिर समितियों, धर्माचार्यों और राजपुरोहितों द्वारा हिंदू पंचांग और परंपरागत मान्यताओं के अनुसार तय की जाती हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम अक्षय तृतीया के दिन खुलते हैं, जबकि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की तिथियाँ विशेष पूजा-अर्चना और शुभ योग देखकर घोषित की जाती हैं।

प्रशासन ने तेज की तैयारियाँ

चारधाम यात्रा को देखते हुए उत्तराखंड सरकार और प्रशासन ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं। यात्रा मार्गों की मरम्मत, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध, स्वास्थ्य सुविधाएँ और पंजीकरण प्रणाली को सुचारु बनाने पर काम किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिल सके।

चारधाम यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि उत्तराखंड की आर्थिकी और सांस्कृतिक पहचान से भी गहराई से जुड़ी हुई है। कपाट खुलने की तिथियाँ घोषित होने के साथ ही अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अपनी यात्रा की योजना बनाने में जुट गए हैं। 2026 की चारधाम यात्रा को लेकर देवभूमि एक बार फिर श्रद्धा, विश्वास और भक्ति के रंग में रंगने को तैयार है।

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