देहरादून। सितंबर का महीना खत्म होने से पहले ही उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनरों की पेंशन उनके खातों में पहुंचाने की तैयारी है। 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल को देखते हुए राज्य सरकार ने सितंबर महीने के वेतन और पेंशन का भुगतान 26 सितंबर तक करने के निर्देश जारी किए हैं। सरकार का मानना है कि लगातार तीन दिन बैंकिंग लेन-देन प्रभावित होने की स्थिति में महीने के आखिर में होने वाले भुगतान में देरी हो सकती है।
राज्य के वित्त विभाग ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। आदेश प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु की ओर से जारी किया गया है।
बैंक हड़ताल से पहले खाते में पैसा भेजने की तैयारी
आमतौर पर महीने के आखिर में सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के भुगतान की प्रक्रिया पूरी होती है। लेकिन इस बार महीने के अंतिम दिनों में प्रस्तावित बैंक हड़ताल के कारण सरकार ने पहले ही व्यवस्था कर दी है।
वित्त विभाग के आदेश में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की ओर से 23 सितंबर 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन का उल्लेख किया गया है। इसके मुताबिक 28 सितंबर से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल प्रस्तावित होने के कारण इस अवधि में बैंकिंग लेन-देन प्रभावित होने की आशंका है। इसका असर सितंबर के वेतन और पेंशन के भुगतान पर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने इंतजार करने के बजाय भुगतान की तारीख आगे खिसका दी है।
शनिवार तक वेतन-पेंशन भुगतान के निर्देश
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों और पेंशनरों के सितंबर 2026 के पूरे महीने के वेतन और पेंशन का भुगतान शनिवार, 26 सितंबर तक कर दिया जाए। इस फैसले से कर्मचारियों और पेंशनरों को प्रस्तावित बैंक हड़ताल के दौरान वेतन-पेंशन के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
एडवांस भुगतान में अंतर आया तो अगले महीने होगा हिसाब
सितंबर समाप्त होने से पहले पूरे महीने का भुगतान किए जाने के कारण वित्त विभाग ने संभावित समायोजन की व्यवस्था भी स्पष्ट कर दी है।
आदेश के अनुसार कर्मचारी या पेंशनभोगी के पूरे महीने के वेतन अथवा पेंशन का निर्धारण करने के बाद यदि किसी तरह के समायोजन की जरूरत सामने आती है तो उसका हिसाब अक्टूबर 2026 के वेतन या पेंशन में किया जाएगा। इसके लिए नियमानुसार लेखांकन की कार्रवाई भी की जाएगी।
जिलाधिकारियों से लेकर कोषागारों तक पहुंचा आदेश
वित्त विभाग ने आदेश को केवल जिलाधिकारियों तक सीमित नहीं रखा है। इसकी प्रतिलिपि मुख्य सचिव, सभी प्रमुख सचिवों और सचिवों, महालेखाकार, सभी विभागाध्यक्षों, कोषाधिकारियों, वरिष्ठ कोषाधिकारियों, उपकोषाधिकारियों और आहरण-वितरण अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
वित्तीय डेटा सेंटर को भी निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित सूचना IFMS पोर्टल के माध्यम से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। आदेश की प्रति संबंधित बैंकों को भी भेजी गई है।
कर्मचारियों-पेंशनरों को हड़ताल का असर न हो, इसलिए फैसला
सरकार के इस फैसले का सीधा उद्देश्य सितंबर के अंतिम दिनों में प्रस्तावित बैंक हड़ताल का असर कर्मचारियों और पेंशनरों के भुगतान पर पड़ने से रोकना है। अब विभागों और कोषागारों को 26 सितंबर की समयसीमा को ध्यान में रखते हुए भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।


